
अफ्रीका में क्यों फैली हुई है तख्तापलट की 'महामारी', क्या इसका फायदा चुपके से उठा रहे कुछ मुल्क?
AajTak
अफ्रीका दुनिया का वो टुकड़ा है, जहां से या तो किसी संक्रामक बीमारी की खबर आती है, या फिर गृहयुद्ध की. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, अफ्रीका में कुल 54 देश हैं, इनमें से भी 45 में या तो अंदरुनी फसाद और तख्तापलट हो चुका, या फिर इसकी नाकामयाब कोशिश की जा चुकी. कई देशों को इसका फायदा भी मिलता रहा.
नाइजर के बाद अफ्रीका के एक और देश गैबॉन में तख्तापलट हो गया. यहां चुने हुए राष्ट्रपति को नजरबंद करके सैन्य शासन लागू हो गया. बीते 26 अगस्त को ही यहां इलेक्शन के नतीजे आए थे. अब 'अगली सूचना' तक सैनिक ही देश को संभालेंगे. नाइजर और सूडान में भी हाल में भारी फसाद सुनने में आया.
बीते साल बुर्किना फासो, चड और माली यही हालात देख चुके. दुनिया के बाकी हिस्से जहां तरक्की कर रहे हैं, वहीं अफ्रीकी देश लगातार गरीबी और लड़ाइयों में घिरे हुए हैं. बची-खुची कमी तख्तापलट से पूरी हो जाती है.
क्या है तख्तापलट और क्यों होता है? ये तब होता है जब किसी देश की सेना उसके सुप्रीम लीडर पर भी भारी पड़ जाती है. इस समय जो उठापटक होती है, उसे सैन्य बदलाव कहते हैं. वहीं कई बार विपक्ष भी सत्ता पक्ष से ज्यादा मजबूत हो जाता है. ऐसे में भी तख्तापलट होता है, लेकिन इसमें खूनखराबा नहीं या कम होता है. दूसरी तरफ सैन्य बदलाव में सरकार और सेना के बीच लड़ाई होती है, यहां तक कि सरकार के पक्ष में खड़े आम लोगों का भी नुकसान होता है.
वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, आमतौर पर सैन्य तख्तापलट वहीं होता है, जहां मानव विकास सूचकांक (HDI) काफी कम होता है. यानी लोग गरीबी, भुखमरी, महंगाई, अराजकता जैसी चीजें झेल रहे हों, वहां सरकार से यकीन कम होने लगता है. सेना जब ये देखती है तो अपनी ताकत बढ़ाने लगती है. वो मौजूदा सत्ता के कई लोगों को अपने पक्ष में कर लेती है और फिर विद्रोह कर देती है. इसके बाद सरकार बेबस हो जाती है.
कहां, कितनी हुई तख्तापलट की कोशिशें - अफ्रीका में 2 सौ से ज्यादा कोशिशें हुईं, जिनमें से 106 के करीब सफल भी हुईं. - यूरोप में 17 प्रयासों में से 8 में तख्तापलट हो गया. - दक्षिण एशिया में कुल 16 बार तख्तापलट को डॉक्युमेंट किया गया, जिसमें 10 सफल हुए. - बेहद अस्थिर मिडिल ईस्ट में भी अफ्रीका से कम लगभग 50 बार ही तख्तापलट के प्रयास दिखे. - लैटिन अमेरिका इस दौड़ में अफ्रीका के बाद खड़ा है, जिसने 146 प्रयास झेले. - सबसे अधिक तख्तापलट के मामलों में अफ्रीकी देश सूडान सबसे ऊपर है. - अरेस्टेड डिक्टेटरशिप वेबसाइट के मुताबिक साल 2021 से पहले अफ्रीका में हर साल एक तख्तापलट होता रहा.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











