
अफ्रीका के बाहर फैलने लगा Mpox! स्वीडन में मिला पहला केस, UN ने भी जताई चिंता
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एमपॉक्स निकट संपर्क से फैलता है. कांगो में अधिक गंभीर प्रकार की बीमारी के आसपास के देशों में फैलने के बाद WHO ने इसे हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है. स्वीडन के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'दोपहर में इस बात की पुष्टि हुई कि स्वीडन में अधिक गंभीर प्रकार के एमपॉक्स का एक मामला है, जिसे क्लैड-I कहा जाता है.'
स्वीडन ने गुरुवार (15 अगस्त) को एमपॉक्स (Mpox) के अपने पहले केस की पुष्टि की है, जो अफ्रीका के बाहर भी मिला पहला मामला है. एक दिन पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दो साल में दूसरी बार इस बीमारी को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है.
अफ्रीका से संक्रमित हुआ शख्स
स्वीडिश पब्लिक हेल्थ एजेंसी के महानिदेशक ओलिविया विगज़ेल ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि संक्रमित व्यक्ति अफ्रीका के एक हिस्से में रहने के दौरान वायरस की चपेट में आया, जहां यह बीमारी बड़े पैमाने पर फैली हुई है.
एमपॉक्स निकट संपर्क से फैलता है. कांगो में अधिक गंभीर प्रकार की बीमारी के आसपास के देशों में फैलने के बाद WHO ने इसे हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है. स्वीडन के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'दोपहर में इस बात की पुष्टि हुई कि स्वीडन में अधिक गंभीर प्रकार के एमपॉक्स का एक मामला है, जिसे क्लैड-I कहा जाता है.'
UN ने दोहराई WHO की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन की घोषणा को दोहराते हुए एमपॉक्स वायरस को 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कन्सर्न' बताया. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ एमपॉक्स वायरस के अफ्रीका और संभवतः महाद्वीप के बाहर के देशों में फैलने की संभावना के बारे में भी चेतावनी दे रहा है.

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