
अफगानिस्तान में तालिबान पर भारत और रूस में क्या बात हुई?
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विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में बिगड़ती स्थिति को लेकर भारत ने चिंता जाहिर की है. अफगानिस्तान में तेजी से बढ़ रही हिंसा पर चिंता जताते हुए भारत ने शुक्रवार को कहा कि युद्धग्रस्त देश पर किसका शासन होना चाहिए, इसका वैधता पहलू महत्वपूर्ण है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. भारत ने अफगानिस्तान में हिंसा को तत्काल रोकने का आह्वान किया है.
विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में बिगड़ती स्थिति को लेकर भारत ने चिंता जाहिर की है. अफगानिस्तान में तेजी से बढ़ रही हिंसा पर चिंता जताते हुए भारत ने शुक्रवार को कहा कि युद्धग्रस्त देश पर किसका शासन होना चाहिए, इसका वैधता पहलू महत्वपूर्ण है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. भारत ने अफगानिस्तान में हिंसा को तत्काल रोकने का आह्वान किया है. (फोटो-PTI) रूस के दौरे पर मॉस्को पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को कहा, 'हमारा जोर हिंसा रोकने पर है. अफगानिस्तान में हालात का समाधान हिंसा नहीं हो सकती. आखिर में अफगानिस्तान पर कौन शासन करता है यह इसका वैध पहलू है. मुझे लगता है कि इसे नजरअंदाज नहीं किए जाना चाहिए.' (फोटो-PTI)
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

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