
अफगानिस्तान में तालिबान का खौफ, घर छोड़ भाग रहे लोग
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उत्तरी अफगानिस्तान अमेरिका के सहयोगी रहे सरदारों का पारंपरिक गढ़ है, लेकिन जैसे-जैसे तालिबान का कब्जा बढ़ रहा है जातीय अल्पसंख्यकों के वर्चस्व वाले क्षेत्र से लोगों को भागना पड़ा रहा है. तालिबान के खौफ के चलते सकीना जैसे हजारों परिवारों को अपना घर-बार छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है.
सकीना की उम्र कोई 11 या 12 साल होगी. लेकिन तालिबान ने जैसे ही उत्तरी अफगानिस्तान में उसके गांव पर कब्जा जमाया, उसे अपने परिवार के साथ अपना घर छोड़ना पड़ा. तालिबान के आतंकियों ने सकीना के स्कूल को भी आग के हवाले कर दिया. सकीना का परिवार अब लगभग उन 50 परिवारों में से एक है जो अफगानिस्तान के उत्तरी शहर मजार-ए-शरीफ के किनारे पथरीली जमीन पर अस्थायी कैम्प बनाकर रह रहा है. ये भी पढ़ें- तालिबान ने अल्लाह का नाम लेकर 22 अफगान कमांडरों को उतारा मौत के घाट (फोटो-AP) समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी परिवार प्लास्टिक के टेंट में चिलचिलाती धूप और गर्मी में रहने को मजबूर हैं जहां दोपहर में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. इस पूरे शरणार्थी शिविर के लिए एकमात्र बाथरूम है जिसे गंदे तंबू से बनाया गया है. चारों तरफ बदबू फैली हुई है. (फोटो-Getty Images)
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