
अफगानिस्तान में उभरते हालात पर पीएम मोदी ने यूरोपीय परिषद से की बात
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अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की पूर्ण वापसी के बाद तालिबान ने काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है.
पीएम मोदी ने मंगलवार को अफगानिस्तान के मौजूदा हालात को लेकर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल से बात की है. अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने खुद ही इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने लिखा, 'अफगानिस्तान के उभरते मौजूदा हालात को लेकर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल से बात की. इसके साथ ही भारत-यूरोप संबंधों को मजबूती देने के वादे को एक बार फिर से दोहराया.' Spoke with @eucopresident Charles Michel, President of the European Council, about the evolving situation in Afghanistan. Also reiterated our commitment to further strengthening India-EU relations.
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











