
'अनुपमा' फेम एक्टर नितेश पांडे की कार्डियक अरेस्ट से मौत, 51 साल की उम्र में ली आखिरी सांस
AajTak
फेमस एक्टर नितेश पांडे अब हमारे बीच नहीं रहे. कार्डियक अरेस्ट होने की वजह से उनकी मौत हो गई. सोशल मीडिया पर फैंस और सेलेब्स नम आंखों से एक्टर को अंतिम विदाई दे रहे हैं. सभी के लिए उनके निधन की खबर को सच मानना काफी मुश्किल हो रहा है. नितेश ने कई शोज और फिल्मों में काम किया था.
टीवी इंडस्ट्री से एक और शॉकिंग न्यूज आई है. बुधवार सुबह ही एक्ट्रेस वैभवी उपाध्याय के मौत की खबर ने सबको हैरान कर दिया था. अब एक और दिग्गज एक्टर अलविदा कह गए हैं. फेमस एक्टर नितेश पांडे अब हमारे बीच नहीं रहे. 51 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट आने की वजह से उनकी मौत हो गई.
मुंबई के पास इगतपुरी में उन्होंने अंतिम सांस ली. अपनी मौत से कुछ घंटों पहले एक्टर ने अपने रिसॉर्ट से वीडियो पोस्ट की थी. जिसमें वे हॉलिडे एंजॉय करते दिखे थे. नितेश उत्तराखंड के अल्मोड़ा से थे.
एक्टर की मौत ने दिया झटका
नितेश पांडे की मौत ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को बड़ा झटका दिया है. सोशल मीडिया पर फैंस और सेलेब्स नम आंखों से एक्टर को अंतिम विदाई दे रहे हैं. उनके लिए इस बात पर यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि एक हंसता मुस्कुराता चेहरा आज उनके बीच नहीं है. पिछले 25 सालों से वे इंडियन टेलीविजन का पॉपुलर फेस थे.
अनुपमा शो के लीड एक्टर सुधांशु पांडे ने नितेश की मौत पर दुख जाहिर किया है. उन्होंने बताया कि दोनों के बीच अच्छा बॉन्ड था. उन्हें अभी तक एक्टर की मौत पर भरोसा नहीं हो रहा है. अनुपमा शो के दौरान उनकी बॉन्डिंग हो गई थी. दोनों वेब शोज, फिल्मों और ओटीटी कंटेंट पर खूब बातें किया करते थे. कुछ समय पहले ही सेट पर दोनों की आखिरी मुलाकात हुई थी.
नितेश ने शाहरुख संग किया था काम

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

मेघालय के शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी एंड्रयू जे सिंगकों का फुटसल खेलते समय अचानक गिरने के बाद निधन हो गया. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. सक्रिय जनसंपर्क और क्षेत्रीय मुद्दों को संसद में उठाने वाले सिंगकों के निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक है.











