
अनुच्छेद 370 की बहाली, मुफ्त बिजली-पानी... J-K में नेशनल कॉन्फ्रेंस की 12 चुनावी गारंटी, BJP ने बताया राष्ट्रविरोधी
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणापत्र जारी करते हुए, एनसी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी केवल वही वादे कर रही है, जिन्हें वह पूरा कर सकती है. उन्होंने घोषणापत्र को एनसी का विजन डॉक्यूमेंट और शासन का रोडमैप बताया. घोषणापत्र में 12 व्यापक वादे किए गए हैं, जिनमें 2000 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा द्वारा पारित स्वायत्तता प्रस्ताव के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए प्रयास करना शामिल है.
चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस क्रम में नेशनल फॉन्फ्रेंस ने मंगलवार को अपने घोषणापत्र का ऐलान किया, जिसमें 12 गारंटी दी गई हैं. इनमें अनुच्छेद 370 की बहाली और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा तथा वर्ष 2000 में तत्कालीन विधानसभा द्वारा पारित स्वायत्तता प्रस्ताव का क्रियान्वयन शामिल है. बीजेपी ने एनसी के घोषणा पत्र को राष्ट्रविरोधी बताया है.
दरअसल, जून 2000 में फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर राज्य में 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति को बहाल करने की मांग की थी. हालांकि, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने इसे खारिज कर दिया था. वहीं नरेंद्र मोदी सरकार ने वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था तथा पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था.
आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एनसी के घोषणापत्र में सभी राजनीतिक कैदियों के लिए माफी तथा कश्मीरी पंडितों की घाटी में सम्मानजनक वापसी का भी वादा किया गया है. पार्टी ने अपने चुनावी दस्तावेज में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, बिजली और पानी के संकट से राहत, जम्मू-कश्मीर को पनबिजली परियोजनाओं का हस्तांतरण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को हर साल 12 एलपीजी सिलेंडर मुफ्त देने जैसे वादे किए हैं.
पीटीआई के मुताबिक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणापत्र जारी करते हुए, एनसी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी केवल वही वादे कर रही है, जिन्हें वह पूरा कर सकती है. उन्होंने घोषणापत्र को एनसी का विजन डॉक्यूमेंट और शासन का रोडमैप बताया. घोषणापत्र में 12 व्यापक वादे किए गए हैं, जिनमें 2000 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा द्वारा पारित स्वायत्तता प्रस्ताव के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए प्रयास करना शामिल है.
एनसी के चुनावी दस्तावेज में कहा गया है, "हम (अनुच्छेद) 370-35ए को बहाल करने और 5 अगस्त, 2019 से पहले की स्थिति में राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रयास करते हैं." अंतरिम अवधि में, "हम जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर सरकार के कामकाज के नियम, 2019 को फिर से तैयार करने का प्रयास करेंगे."
जेलों में बंद कैदियों की रिहाई का भी वादा

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