
अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों को मिलेगा राष्ट्रपति सम्मान
AajTak
उमेश पाल हत्याकांड में शूटर असद और गुलाम दोनों ही फरार चल रहे थे. यूपी पुलिस की ओर से दोनों के ऊपर पांच-पांच लाख रुपये का ईनाम रखा गया था. झांसी में यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु और डिप्टी एसपी विमल की नेतृत्व में हुए एनकाउंटर में दोनों को ढेर कर दिया गया.
पूर्व सांसद और गैंगस्टर अतीक अहमद (Atiq Ahmed) के बेटे असद और शूटर मोहम्मद गुलाम को एनकाउंटर में मारने वाले पुलिसकर्मियों को प्रेसिडेंट गैलेंट्री मेडल देने का ऐलान किया गया है. असद और गुलाम, उमेश पाल हत्याकांड में पांच लाख के इनामी थे. पिछले साल अतीक और अशरफ अहमद की पुलिस कस्टडी में हत्या से पहले असद अहमद का एनकाउंटर हुआ था. झांसी में 13 अप्रैल 2023 को असद और मोहम्मद गुलाम को एनकाउंटर में ढेर करने वाली एसटीएफ टीम के 6 सदस्यों और अन्य पुलिसकर्मियों सहित कुल 17 पदाधिकारियों को राष्ट्रपति का वीरता पदक मिलेगा.
पांच-पांच लाख रुपए के थे इनामी
उमेश पाल हत्याकांड में शूटर असद और गुलाम दोनों ही फरार चल रहे थे. यूपी पुलिस की ओर से दोनों के ऊपर पांच-पांच लाख रुपये का ईनाम रखा गया था. झांसी में यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु और डिप्टी एसपी विमल की नेतृत्व में हुए एनकाउंटर में दोनों को ढेर कर दिया गया था. एसटीएम को असद और गुलाम के पास से एक ब्रिटिश Bulldog रिवॉल्वर और Walhther पिस्टल बरामद हुई थी.
यह भी पढ़ें: अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड में न्यायिक आयोग ने पुलिस को दी क्लीन चिट, मर्डर का मकसद भी बताया
पारीछा डैम इलाके में छिपे हुए थे दोनों
जानकारी के मुताबिक, असद और मोहम्मद गुलाम झांसी में पारीछा डैम के पास छिपे हुए थे. पारीछा डैम झांसी में बड़ा गांव और चिरगांव थाना क्षेत्र के बीच में है. इसी इलाके में दोनों छिपकर बैठे हुए थे. यूपी एसटीएफ ने झांसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में एनकाउंटर किया. यह जगह कानपुर-झांसी हाईवे पर स्थित है. झांसी से कानपुर की तरफ 30 किलोमीटर पहले लोकेशन पर एसटीएफ ने असद और गुलाम को मार गिराया था.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







