
'अगर भाई के घर में आग...', बांग्लादेश हिंसा पर नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस ने भारत से क्या अपील की?
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बांग्लादेश में चल रहा छात्र आंदोलन बेहद उग्र रूप ले चुका हैं. सरकार समर्थकों और छात्रों के बीच भारी हिंसा देखने को मिल रही है जिसमें रविवार को कम से कम 100 लोग मारे गए. हिंसा पर बांग्लादेश के नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने भारत से मांग की है कि वो हसीना सरकार की आलोचना करे.
बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर शुरू हुआ छात्रों का प्रदर्शन बेहद विकराल रूप ले चुका है. प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों और सरकार समर्थकों के बीच भड़की हिंसा में बीते रविवार को कम से कम 100 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए. देश की स्थिति पर बांग्लादेशी अर्थशास्त्री और नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने चिंता जताई है. उन्होंने प्रदर्शनों पर भारत की प्रतिक्रिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि बांग्लादेश में मचा उथल-पुथल पड़ोसी देशों में भी फैल सकता है.
दरअसल, पिछले महीने भारत ने बांग्लादेश में चल रहे प्रदर्शनों पर टिप्पणी से इनकार कर दिया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा था, 'हम इसे बांग्लादेश के घरेलू मामले के रूप में देखते हैं.'
'अगर भाई के घर में आग लगी है....'
भारत की प्रतिक्रिया से निराश बांग्लादेश के नोबल विजेता मोहम्मद यूनुस ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, 'जब भारत कहता है कि यह घरेलू मामला है, तो मुझे दुख होता है. अगर आपके भाई के घर में आग लगी है तो आप उसे घरेलू मामला कैसे बता सकते हैं? कूटनीति में बहुत सी चीजें आती हैं और ये नहीं कहा जा सकता कि ये उनका घरेलू मसला है.'
यूनुस ने कहा कि 17 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश में लोग संघर्ष का सामना कर रहे हैं, युवा सरकारी बलों द्वारा मारे जा रहे हैं और कानून व्यवस्था बिगड़ती जा रही है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बांग्लादेश में मचा उथल-पुथल बस इसकी सीमाओं तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि पड़ोसी देशों को भी प्रभावित करेगा.
बांग्लादेश के लाखों लोगों को गरीबी से निकालने वाले यूनुस हसीना सरकार के आलोचक रहे हैं. शेख हसीना यूनुस पर गरीबों का खून चूसने का आरोप लगाती रहती हैं. हाल ही में यूनुस पर भ्रष्टाचार का एक अभियोग चलाया गया. यूनुस के समर्थकों का मानना है कि ये अभियोग राजनीति से प्रेरित है.

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