
World News: अमेरिका में बर्फीले तूफान ने मचाया कोहराम, बिजली संकट से लोग परेशान
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अमेरिका के ईस्ट कोस्ट में बर्फीला तूफान आ गया है. पेंसिलवीनिया पर ये भारी बर्फबारी भारी पड़ रही है. स्थानीय निवासियों के मुताबिक वे एक फुट से ज्य़ादा बर्फबारी वो झेल चुके है. रेलवे लाइन पर बर्फ ने कब्जा जमा लिया है, इससे ट्रेनों पर ब्रेक लग गया है. वहीं सड़कों पर बर्फ ही बर्फ है. इन सड़कों पर कारें तो फर्राटे से चल रही हैं लेकिन बड़ी गाड़ियों के लिए ये मुसीबत का सबब है. स्थानीय प्रशासन के लिए बर्फी मौसम किसी मुसीबत से कम नहीं है, बर्फ हटाने का काम लगातार जारी है. सड़क पर बर्फ को देखते हुए सरकार ने लोगों से बेवजह तफरी पर ना निकलने को कहा है. बर्फीले तूफान ने सड़क और रेल यातायात पर विराम लगाया तो हवाई यातायात पर भी इसका जबरदस्त असर पड़ा है. सोमवार को करीब 4200 उड़ानें या तो रद्द हुईं या देरी से गईं. देखें ये वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








