
World First Text Message: दुनिया के पहले SMS में क्या है खास? पौने 2 करोड़ में बिकने जा रहा
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World First SMS: नील पापवोर्थ (Neil Papworth) ने दुनियां के पहले एसएमएस को कंप्यूटर से अपने दूसरी साथी रिचर्ड जारविस (Richard Jarvis) को भेजा था. रिचर्ड जारविस तब कंपनी के डायरेक्टर थे. उनको ये एसएमएस ऑर्बिटल 901 हैंडसेट ( Orbitel 901 handset) पर भेजा गया था.
World First SMS, Text Message: दुनिया का पहला टेक्सट मैसेज (SMS) साल 1992 में भेजा गया था, ये मैसेज वोडाफोन के एक कर्मचारी ने दूसरे को भेजा था. FOR SALE: World’s first text message 💬, 1992 #NFT Used once, over 14 characters, festive theme 🎄 To be auctioned 21/12 with proceeds going to @UNHCRUK 👇 Did you know the world's #1stSMS was a simple "Merry Christmas"? Sent 30 years ago via the #Vodafone network, it's been transformed into a #NFT by @vodafone_de, so it can be auctioned to raise funds for our partners at #UNHCR, helping to build a better future for @refugees. pic.twitter.com/NDis7WEHxC

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









