
'What's wrong with India?' सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग तो keyboard वॉरियर्स बने इंडियन... विरोधियों को रगड़ दिया!
AajTak
सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से 'What's wrong with India?' ट्रेंड कर रहा है. इस ट्रेंड के पीछे की कहानी बड़ी दिलचस्प है. इसे विदेशी सोशल मीडिया यूजर्स ने भारत के खिलाफ ट्रेंड कराना शुरू किया था, लेकिन बाद में भारतीय यूजर्स ने इसे विदेशी यूजर्स के खिलाफ ही इस्तेमाल कर लिया.
सोशल मीडिया पर आए दिन दो ग्रुपों के बीच 'वर्चुअल जंग' देखने को मिलती रहती है. ऐसी ही एक जंग फिर देखने को मिली है. लेकिन इस बार मुकाबला सोशल मीडिया के भारतीय और विदेशी यूजर्स के बीच हुआ है. इसकी शुरुआत जरूर विदेशी सोशल मीडिया यूजर्स ने की, लेकिन बाद में जब भारत के 'सोशल मीडिया वॉरियर्स' इसमें कूदे तो उन्होंने विदेशी यूजर्स को उनकी असलियत दिखा दी. आइए जानते हैं कि आखिर किस मुद्दे पर भारतीय और विदेशी सोशल मीडिया यूजर एक दूसरे से भिड़ गए.
दरअसल, इस पूरी कवायद की शुरुआत करीब 13 दिन पहले हुई. जब झारखंड के दुमका में स्पेन की महिला टूरिस्ट के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया. घटना के आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने एक्शन लिया, 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर विदेशी हैंडल्स ने इसे मुद्दा बनाना शुरू कर दिया. एक प्रोपेगेंडा के तहत भारत को दुनिया की 'दुष्कर्म राजधानी' घोषित करने की कोशिश शुरू हो गई. विदेशी ट्विटर यूजर्स ने सोशल मीडिया पर 'What's wrong with India?' ट्रेंड कराना शुरू कर दिया. मंगलवार शाम (12 मार्च) तक इस कीवर्ड को मेंशन करते हुए 2.5 लाख से ज्यादा पोस्ट की गईं.
भारत विरोधी ट्रेंड को लेकर मस्क से पूछे सवाल
भारत के खिलाफ चलाए जा रहे इस प्रोपेगेंडा के खिलाफ भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स भी मैदान में कूद गए और विदेशी यूजर्स को अमेरिका सहित तमाम पश्चिमी देशों की हकीकत दिखाना शुरू कर दिया. भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी दावा किया कि 'What's wrong with India?' कीवर्ड को एलॉन मस्क के मालिकाना हक वाली X कंपनी जानबूझकर ट्रेंड करा रही है. लोगों ने इसके लिए X के एल्गोरिदम को जिम्मेदार ठहराया. कई इंडियंस ने 'What's wrong with India?' लिखकर दूसरे किसी देश की तस्वीरें शेयर कीं और उन्हें भी अच्छी खासी रीच मिली.
भारत के लोगों ने हाईजैक कर लिया ट्रेंड

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









