
Weight loss: अशनीर ग्रोवर ने घटाया 10 KG वजन, बताया किन 2 चीजों से हुआ वेट लॉस
AajTak
Transformation Journey: शार्क टैंक इंडिया के जज और 'भारतपे' के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अशनीर ग्रोवर ने अपना 10 किलो वजन कम किया है (Ashneer grover weight loss journey). उन्होंने वजन कम कैसे किया इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.
Ashneer grover weight loss journey: बिजनेस रियलिटी टीवी शो 'शार्क टैंक इंडिया' काफी फेमस रहा. इस शो में कई युवाओं को अपने आइडियाज पर शो के जजों से फंड मिले ताकि वह अपने बिजनेस या आइडिया पर काम करके उसे और बेहतर बना सकें. इस शो के जजों में एक सबसे फेमस जज जो रहे वह हैं अशनीर ग्रोवर (Ashneer grover). वह शो में काफी चर्चा में रहे और उन पर बने हुए काफी सारे मीम्स आज भी वायरल होते हैं.
'भारतपे' के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अशनीर ग्रोवर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. उन्होंने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की है जिसके बाद से वह वापस से चर्चा में आ गए हैं. दरअसल, अशनीर ने जो फोटो शेयर की है उसमें उन्होंने बताया है कि वह अपना 10 किलो वजन कम चुके हैं. वजन कम करने के बाद जो फोटो शेयर की है उसमें उन्होंने वजन कम कैसे किया? इस बारे में भी बताया है.
अशनीर ग्रोवर ने ऐसे कम किया वजन
अशनीर ने जो फोटो शेयर की है उसमें वह हाफ ब्लैक टी शर्ट और जॉगर्स पहने हुए हैं. इतना वजन कम करने के बाद अशनीर फोटो में वाकई काफी स्लिम नजर आ रहे हैं. उन्होंने अपने फोटो को कैप्शन दिया, "10 Kgs Down! SImply disipline and zidd!!" यानी "10 किलोग्राम वजन कम हुआ! बस अनुशासन और जिद के कारण !!" वजन कम करने के लिए अनुशासन और जिद कैसे जरूरी है और वजन कम करने के आसान तरीके क्या हैं? इस बारे में जान लीजिए.
फिटनेस में डिसिप्लिन और जिद
"डिसिप्लिन इज द की टू सक्सेस" यानी कि अनुशासन ही सफलता की कुंजी है. उदाहरण के लिए अगर आपने अपने लिए नियम बनाया कि आपको रोजाना 1 घंटे एक्सरसाइज करनी है. फिर अगर आप सिर्फ 1 या 2 दिन करने के बाद मन बदल लेते हैं तो वह डिसिप्लिन नहीं होगा. आपको किसी भी तरह अपने लिए 1 घंटा निकालना ही है क्योंकि यह नियम आपने अपने लिए बनाया है.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












