
Vijaya Ekadashi 2026: फाल्गुन मास की पहली एकादशी आज, नोट करें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
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Vijaya Ekadashi 2026: विजया एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र व्रत है. इसे फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में रखा जाता है. मान्यता है कि यह व्रत जीवन की बाधाओं को दूर कर हर कार्य में सफलता दिलाता है. श्रद्धा से पूजा करने पर पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है.
Vijaya Ekadashi Vrat 2026 : आज शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है. सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है. हर महीने दो एकादशी पड़ती हैं. साल भर में कुल 24 एकादशी व्रत होते हैं. इनमें फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष में आने वाली विजया एकादशी को विशेष फलदायी माना गया है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, आज के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है. जो लोग करियर, व्यापार या किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत शुभ माना गया है.
कब होगा पारण?
आज 13 फरवरी को व्रत रखा जा रहा है, इसका पारण कल यानी शनिवार, 14 फरवरी 2026 को सुबह 06:35 बजे से 08:52 बजे के बीच किया जाएगा. व्रत का पूरा फल पाने के लिए तय समय में पारण करना शुभ माना जाता है.
विजया एकादशी का धार्मिक महत्व
‘विजया’ शब्द का अर्थ है विजय यानी जीत. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से व्यक्ति को जीवन की बाधाओं पर विजय मिलती है. कहा जाता है कि इस व्रत से पापों का नाश होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. शास्त्रों में इसे बड़े यज्ञ के समान फल देने वाला व्रत बताया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे मन से यह व्रत करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उसे हर कार्य में सफलता मिलती है.

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