
Uttarakhand: पुलिस ने नहीं दर्ज की इंस्पेक्टर की शिकायत, फिर कोर्ट के आदेश पर हुई FIR
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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar) में पुलिस ने इंस्पेक्टर (Inspector) की शिकायत ही दर्ज नहीं की. दरअसल, इंस्पेक्टर को एक युवती ने जाल में फंसा लिया था और 10 लाख रुपये की मांग की जा रही थी. पीड़ित इंस्पेक्टर ने कोर्ट की शरण, जिसके बाद कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया.
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar) में पुलिस ने एक इंस्पेक्टर की शिकायत दर्ज नहीं की. इसके बाद पीड़ित इंस्पेक्टर ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, तब कहीं जाकर पुलिस ने केस दर्ज किया. दरअसल, इंस्पेक्टर को एक युवती ने अपने जाल में फंसा लिया था और 10 लाख रुपये की मांग की जा रही थी. पैसे न देने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही थी.
जानकारी के अनुसार, उधम सिंह नगर के किच्छा फिरोजपुर (बरी) के रहने वाले और ज्वालापुर में तैनात दरोगा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था. इसमें पीड़ित दरोगा ने कहा कि मैं हरिद्वार पुलिस में तैनात हूं.
साल 2017 में सोशल मीडिया के माध्यम से मेरा संपर्क यूपी की रहने वाली अर्चना नाम की महिला से हुई. अर्चना ने खुद को दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित बैंक में कार्यरत बताया था, वहीं पिता को एनटीपीसी में डिप्टी डायरेक्टर बताया था. अर्चना से बातचीत होती रही. अर्चना से जब शादी की बात की तो वह टालती रही.
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इसके बाद मार्च 2021 में अर्चना को हिमाचल पुलिस ने थाना बोटीवाला जिला बददी से आईटी एक्ट में गिरफ्तार किया, तब उसकी असलियत का पता चला. इसके बाद यह भी पता चला कि अर्चना शातिर महिला है, वह अपने प्रेमी और अन्य साथियों के साथ हिमाचल में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बनाती है. एक साल तक वह सोलन जेल में भी बंद रही.
अर्चना का इलाहाबाद के युवक और दून निवासी बस कंडक्टर से भी प्रेम प्रसंग चल रहा था. अब वह दरोगा से शादी कर पूर्व में किए अपराध से बचना चाहती है. अक्टूबर 2023 में अक्षय उर्फ दक्ष अग्रवाल ने फोन पर धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की. पैसे नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी.

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