
US Presidential Election: 'मेरी लड़ाई 6 साल के बच्चे से...', ट्रंप ने उड़ाया मजाक तो बाइडेन ने दिया जवाब
AajTak
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंस एसोसिएशन (डब्ल्यूएचसीए) रात्रिभोज कार्यक्रम में कहा कि यकीनन 2024 का चुनाव अपने पूरे शबाब पर पहुंच गया है और हां इस चुनाव में उम्र एक बहुत बड़ा मुद्दा है. मेरा मुकाबला छह साल के बच्चे से है.
अमेरिका में इस साल के अंत में राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहे हैं. राष्ट्रपति चुनाव में दो प्रमुख उम्मीदवार बाइडेन और ट्रंप अक्सर उम्र को लेकर आलोचनाओं का शिकार होते रहे हैं. लेकिन उम्र को लेकर सबसे अधिक निशाने पर बाइडेन ही रहे हैं. ऐसे में उम्र को लेकर बाइडेन ने ट्रंप पर तंज कसा है.
बाइडेन ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में उम्र को लेकर ट्रंप पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मैं व्यस्क शख्स हूं, जो छह साल के बच्चे के खिलाफ चुनाव लड़ रहा है. बता दें कि 77 साल के ट्रंप कई मौकों पर 81 साल के बाइडेन को उनकी उम्र की वजह से घेर चुके हैं.
बाइडेन ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंस एसोसिएशन (डब्ल्यूएचसीए) रात्रिभोज कार्यक्रम में कहा कि यकीनन 2024 का चुनाव अपने पूरे शबाब पर पहुंच गया है और हां इस चुनाव में उम्र एक बहुत बड़ा मुद्दा है. मैं एक व्यस्क शख्स हूं, जो छह साल के शख्स के खिलाफ चुनाव लड़ रहा है.
'ट्रंप और मेरे बीच उम्र एक कॉमन फैक्टर'
व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में बाइडेन ने कहा कि ट्रंप और मेरे बीच में उम्र एक कॉमन फैक्टर है. इस कार्यक्रम में लगभग 3000 पत्रकार, सेलिब्रिटी और नेता शामिल हुए थे. उ
इस दौरान बाइडेन ने ट्रंप को स्लीपी डॉन (Sleepy Don) भी कहा. दरअसल ट्रंप कई मौकों पर सार्वजनिक तौर पर झपकी लेते कैमरे में कैद हुए हैं. उन्होंने पूर्व अडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स का हवाला देते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों बहुत मुसीबतों से जूझ रहे हैं. फिर चाहे आप इसे 'स्टॉर्मी वेदर' कहें या कुछ और.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.









