
US से तनाव के बीच चाबहार पोर्ट पर लगेगा ब्रेक? दिल्ला में ईरानी राजदूत ने बताया आगे का एक्शन प्लान
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भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव और भारत के संबंधों को लेकर खुलकर बातचीत की है. उन्होंने बताया कि बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो चुका है और नतीजों का इंतजार है. ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है. राजदूत ने चाबहार पोर्ट को लेकर भी बातचीत की है.
ईरान के राष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने अपने देश की मौजूदा स्थिति, उपलब्धियों और मौजूदा चुनौतियों पर जानकारी शेयर की. राजदूत ने बताया कि इस साल ईरान अपनी इस्लामिक क्रांति के 47 साल पूरे कर रहा है, जो उनकी इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.
राजदूत फथाली ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे इंटरनेशनल सैंक्शन के बावजूद ईरान ने टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेजी से प्रगति प्राप्त की है. उन्होंने बताया कि देश ने डिफिकल्ट सिचुएशन में भी आत्मनिर्भरता की दिशा में स्ट्रॉन्ग कदम उठाए हैं, जिससे इकोनॉमिक और टेक्निकल एरिया में डेवलपमेंट हुआ है.
डिपलोडिप्लोमेटिक फ्रंट पर राजदूत ने बताया कि बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो चुका है और ईरान इस प्रक्रिया के पॉजिटिव रिजल्ट्स का इंतजार कर रहा है. चाबहार बंदरगाह की महत्ता पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह बंदरगाह मध्य एशिया तक कनेक्टिविटी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और भारत समेत कई देशों के साथ सहयोग लगातार बढ़ रहा है.
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सुरक्षा स्थिति पर राजदूत ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि युद्ध थोप दिया जाता है, तो देश पूरी तरह तैयार है. उन्होंने बताया कि ईरान ने कई सैन्य प्लेटफॉर्म खुद विकसित किए हैं और हाइब्रिड युद्ध जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है. साथ ही, कई विदेशी एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मोसाद से जुड़े लोग भी शामिल हैं.
देश में हुए प्रदर्शनों को लेकर उन्होंने कहा कि अब तक 3173 मौतें हुई हैं, लेकिन यह संख्या अपडेट हो रही है और सही आंकड़ा सुनिश्चित करने के लिए लोगों से पहचान दस्तावेजों के साथ सामने आने की अपील की गई है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी लड़ाई गुरुवार को छठे दिन में पहुंच गई है. दोनों पक्षों के लगातार हमलों के कारण इस क्षेत्र में संकट और बढ़ता दिखाई दे रहा है और हालात अभी भी शांत होने के कोई संकेत नहीं दिखा रहे हैं। इस बीच दुबई में फंसी एक्ट्रेस लारा दत्ता ने एक वीडियो शेयर किया है. देखिए.

अमेरिका-ईरान युद्ध के पांचवें दिन हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमले से ईरानी युद्धपोत आईरिस को डुबो दिया. इस हमले में 80 लोगों की मौत हो गई। यह युद्धपोत विशाखापट्टनम फ्लीट रिव्यू से लौट रहा था और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेट ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार टॉरपीडो से दुश्मन का जहाज डुबोया गया है. अमेरिका ने ईरान की 20 नौसैनिक जहाज और एक पनडुब्बी को नष्ट कर दिया है.

ईरानी हमलों के बीच यूएई ने 172 बैलिस्टिक मिसाइल और आठ क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है. यूएई के मुताबिक कुल लगभग 750 ड्रोन भी इंटरसेप्ट किए गए हैं. रूस और चीन समर्थन तो दे रहे हैं, लेकिन सैनिक या एयर डिफेंस सिस्टम की खुली मदद नहीं कर रहे हैं. ईरान की सैन्य तैयारी और हमलों की संख्या देखकर यह साफ है कि युद्ध की स्थिति गंभीर है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है.

ईरान पर संयुक्त सैन्य अभियान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी साझेदारी अब परीक्षा में है. शुरुआती लक्ष्य शासन परिवर्तन बताया गया था, लेकिन हालिया बयानों से प्राथमिकताएं बदलती दिख रही हैं. अमेरिका में घरेलू दबाव, बढ़ती गैस कीमतें और चुनावी राजनीति इस युद्ध की दिशा तय कर सकती हैं.

सऊदी अरब के अल खज इलाके में ईरान की दो क्रूज मिसाइलों को सऊदी रक्षा मंत्रालय द्वारा नष्ट कर दिया गया है. ये मिसाइल अटैक इस क्षेत्र में जारी संघर्ष में इजरायल व अमेरिका द्वारा ईरान को निशाना बनाए जाने के बीच हुआ है. ईरान ने खाड़ी के कई देशों पर वार जारी रखे हैं जहां मिसाइलों व ड्रोन हमलों की तीव्रता बढ़ी है. अमेरिका और उसके सहयोगी इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तैनात हैं लेकिन ईरान की रणनीति और प्रॉक्सीज की सक्रियता को रोकना चुनौती बना हुआ है.

ईरान-इजरायल युद्ध की सबसे ताज़ा खबरों में हम आपको बताते हैं कि किस तरह मुजतबा खामनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता बनाया गया है. युद्ध के तीव्र होने के साथ डर्टी बॉम्ब के खतरे ने चिंता बढ़ा दी है. मध्य पूर्व में भारतीय तेल जहाज फंसे हैं और अमेरिकी सेना भी युद्ध में सक्रिय है. दोनों पक्षों के हमले और जवाबी हमलों से क्षेत्र में गंभीर तनाव देखा जा रहा है. इस विस्तृत चर्चा में हम प्रमुख मुद्दों जैसे युद्ध के बढ़ते दायरे, राजनीतिक बदलावों, और तेल मार्ग पर अस्थिरता पर भी प्रकाश डालते हैं.







