
US में फिर हेट क्राइम! भारतीय मूल के बिजनेसमैन ने पूछा- तुम ठीक हो दोस्त तो हत्यारे ने सिर में मार दी गोली, मौत
AajTak
अमेरिका से एक और दुखद खबर आई है. यहां कई सालों से मोटल चला रहे एक भारतीय मूल के बिजनेसमैन को एक हत्यारे ने सिर में गोली मार दी. राकेश नाम के ये शख्स अमेरिका में मोटल चलाते थे.
अमेरिका के पिट्सबर्ग में एक भारतीय मूल के मोटल मालिक की शुक्रवार दोपहर को गोली मारकर हत्या कर दी गई. एक अपराधी ने उन्हें पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारी. जिस व्यक्ति की हत्या की गई है उसकी पहचान राकेश एहागाबन के रूप में की है. 51 साल के राकेश पिट्सबर्ग के रॉबिन्सन टाउनशिप में एक मोटल चलाते थे. वे कुछ लोगों को लड़ाई करता देखकर अपने होटल से बाहर निकले थे. पिट्सबर्ग अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित एक शहर है.
लोकल मीडिया के अनुसार पुलिस ने बताया है कि मोटल मैनेजर को 37 साल के स्टेनली यूजीन वेस्ट ने सिर में गोली मार दी. इससे पहले स्टेनली ने एक महिला से झगड़ रहा था. ये घटना मोटल के पार्किंग में हो रही थी. इस लड़ाई को देखते हुए राकेश बाहर निकले और उन्होंने माहौल का शांति करने के लिए स्टेनली से पूछा, "क्या तुम ठीक हो दोस्त?". इसके बाद स्टेनली ने राकेश को सिर में गोली मार दी. पुलिस ने बताया कि यह बातचीत मोटल के निगरानी कैमरों में कैद हो गई.
मोटल एक तरह का आवास होता है, जो मुख्य रूप से मोटर वाहन चालकों के लिए सुविधाजनक होता है. यह शब्द "मोटर" और "होटल" से मिलकर बना है. मोटल आमतौर पर सड़कों या हाईवे के किनारे स्थित होते हैं,जहां यात्री आसानी से रुक सकते हैं. इनमें कमरे, पार्किंग, और बुनियादी सुविधाएं जैसे बिस्तर, बाथरूम, और कभी-कभी छोटा रेस्तरां होता है.
बता दें कि यह गोलीबारी उस घटना के कुछ ही सप्ताह बाद हुई, जब 50 वर्षीय भारतीय व्यक्ति चंद्रमौली नागमल्लैया की डलास के एक मोटल में उसकी पत्नी और बेटे के सामने टूटी हुई वॉशिंग मशीन को लेकर हुए विवाद के बाद सिर काट दिया गया था.
झगड़ा देख बाहर निकले थे राकेश
पुलिस ने बताया कि आरोपी स्टेनली एक महिला और एक बच्चे के साथ लगभग दो हफ़्ते से पिट्सबर्ग मोटल में रह रहा था. उसका पता पिट्सबर्ग के उत्तरी हिस्से में पेज स्ट्रीट पर भी दर्ज है. गोलीबारी की यह घटना उस घटना के कुछ ही देर बाद हुई जब स्टेनली ने कथित तौर पर मोटल की पार्किंग में अपनी साथी महिला को गोली मार दी.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









