
US: भारतीय मूल की नेता की मौजूदगी में लहराए गए खालिस्तानी झंडे, मचा बवाल
AajTak
कनाडा के बाद अमेरिका में खालिस्तान को लेकर बवाल हो गया है. पंजाबी-अमेरिकी नेता जेनिफर राजकुमार की मौजूदगी में खालिस्तानी झंडे लहराए गए हैं. इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर कई यूजर ने इस पर सवाल खड़े किए हैं.
भारत के बाहर विदेशों में खालिस्तान का मुद्दा शांत नहीं हो रहा है. कनाडा में पीएम जस्टिस ट्रूडो की मौजूदगी में लगे खालिस्तान समर्थित नारों का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी सांसद की मौजूदगी में खालिस्तानी झंडे दिखने पर बवाल खड़ा हो गया है. ये बवाल भारतीय मूल की जेनिफर राजकुमार की मौजूदगी में हुआ.
जेनिफर राजकुमार पंजाबी मूल की पहली अमेरिकी नागरिक हैं, जो न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के चुनी गईं हैं. हाल ही में जेनिफर सिख डे परेड में शामिल हुई थीं, जिसे खालसा डे या वैसाखी के नाम से भी जाना जाता है.
जेनिफर ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की. उन्होंने लिखा कि न्यूयॉर्ट स्टेट ऑफिस के लिए चुनी गई पहली पंजाबी-अमेरिकी के रूप में सिख डे परेड में गेस्ट के रूप में शामिल होना बहुत गर्व की बात है.
हालांकि, इस पोस्ट पर विवाद खड़ा हो गया. दरअसल, इस तस्वीर में जेनिफर के पीछे खालिस्तानी झंडे दिखाई दे रहे हैं.
एक यूजर ने लिखा, पीछे खालिस्तानी झंडे देखे जा सकते हैं. एअर इंडिया फ्लाइट 182 को उड़ाने वाले और 329 लोगों की जान लेने वाले आतंकवादियों के समर्थकों के साथ खुद को जोड़कर आप इस आइडियोलॉजी का समर्थन कर रहे हैं.
यूजर का इशारा 23 जून 1985 को एअर इंडिया की फ्लाइट में हुए आतंकी धमाके की ओर था. एअर इंडिया की फ्लाइट 182 पर उस दिन एक बम धमाका हुआ था. ये फ्लाइट टोरंटो से लंदन जा रही थी. इससे विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हो गई थी. मारे गए लोगों में ज्यादातर कनाडाई नागरिक थे. इस हमले को खालिस्तानी चरमपंथियों ने अंजाम दिया था.

ब्रिटेन में शाही परिवार के सदस्य और प्रिंस चार्ल्स के भाई एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार कर लिया गया है. डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश पुलिस पूर्वी इंग्लैंड स्थित एंड्र्यू के घर पर पहुंची. सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म के आसपास छह बिना नंबर वाली पुलिस कारें और आठ सादे कपड़ों में अधिकारी देखे गए. थेम्स वैली पुलिस फरवरी में उन आरोपों की जांच कर रही थी जिनमें दावा किया गया था कि माउंटबेटन-विंडसर ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को सरकारी दस्तावेज दिए थे.

पाकिस्तान एक बार फिर से अफगानिस्तान पर हमले का बहाना ढूंढ़ रहा है. PAK ने अफगानिस्तान को कूटनीतिक मैसेज देते हुए खुलेआम कहा है कि उसे TTP या दूसरे किसी भी ग्रुप को जवाब देने और उसे खत्म करने का अधिकार है. पाकिस्तान ने इस कूटनीतिक भाषा के लिए सोमवार को हुए हमले को आधार बनाया है, जब उसके 11 सैनिक मर गए थे.

तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बीएनपी सरकार ने घोषणा की है कि बांग्लादेश सभी देशों, खासकर पड़ोसियों के साथ संप्रभु समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर संबंध रखेगा. विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' को विदेश नीति का केंद्रीय सिद्धांत बताया और द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक समीक्षा के संकेत दिए.

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है और मिडिल ईस्ट में किसी भी समय युद्ध शुरू होने का खतरा बढ़ गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष कई हफ्तों तक चल सकता है. इस स्थिति को देखते हुए ईरान ने अपने सबसे संवेदनशील सैन्य और परमाणु ठिकानों को सुरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर किलाबंदी शुरू कर दी है. जिसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है.

बांग्लादेश में एक तरफ संविधान के रिफॉर्म का सवाल खड़ा है तो दूसरी तरफ यूएस से हुई ट्रेड डील की विसंगतियां. अंतरिम सरकार चला रहे मोहम्मद यूनुस ने जाते जाते तारिक रहमान को ऐसी उलझन में डाला है कि उनके लिए आगे बढ़ना किसी चुनौती से कम नहीं. दोनों में शक्ति संतुलन का सवाल है. रिफॉर्म में आंतरिक शक्ति संतुलन रखना है, जबकि यूएस डील में बाहरी शक्ति संतुलन.








