
UPSC मेन्स एग्जाम 20 सितंबर से, टापर्स की राय मानिए, तेज कर दें लिखने की प्रैक्टिस
AajTak
IAS मनु जिंदल का कहना है कि कई एस्पिरेंट सोचते हैं कि वो अपने नये सोर्सेज से पढ़ें, लेकिन उसके लिए जो पहले से क्लासिक सोर्स दिए गए हैं, उससे ही तैयारी करना मुफीद रहता है. वहीं, IAS राम सब्बनवार का कहना है कि पढ़ाई करने के साथ-साथ लिखना कैसे है, यह जानना भी बेहद जरूरी है. मेन्स परीक्षा में सवालों के लम्बे जवाब लिखने होते हैं ऐसे में पुराने जितने भी टॉपर्स है उनकी मेन्स की कॉपी का विश्लेषण करें.
UPSC मेन्स एग्जाम होने में कुछ ही दिनों का समय बचा है. इस परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवार तैयारी में लगे हुए हैं. अगर आप भी मेन्स एग्जाम देने वाले हैं तो पढ़ाई के साथ-साथ टॉपर्स के कुछ टिप्स भी जान लें. टॉपर्स की स्टैटजी और उनकी टिप्स आपको परीक्षा में सफल होने में मदद कर सकती हैं. ऐसे में आइए टॉपर्स के कुछ टिप्स जानते हैं.
IAS राम सब्बनवार ने मेन्स एग्जाम को लेकर क्या कहा
IAS राम सब्बनवार ने aajtak.in से बातचीत में कहा कि 'पढ़ाई करने के साथ-साथ लिखना कैसे है, यह जानना भी बेहद जरूरी है. मेन्स परीक्षा में सवालों के लम्बे जवाब लिखने होते हैं ऐसे में पुराने जितने भी टॉपर्स है उनकी मेन्स की कॉपी निकालें. जहां भी उन लोगों ने मॉक टेस्ट दिया है, उनकी कॉपी देखें और समझे कि पहले कैंडिडेट्स ने किस तरह लिखा है. इससे आपको समझने में मदद मिलेगी'.
घड़ी लगाकर मॉक टेस्ट सॉल्व करना और निबंध पर फोकस
उन्होंने आगे कहा कि हर विषय में टॉपर की मेन्स कॉपी निकालने के बाद कमरे में बैठिए और जिस तरह आप एग्जाम हॉल में पेपर देने वाले हैं उसी तरह मॉक टेस्ट सॉल्व कीजिए. जितने घंटे में मेन्स का पेपर होगा उतने ही समय में मॉक टेस्ट क्लियर करने का प्रयास कीजिए. ऐसा करने से जब आप एग्जाम हॉल में 20 सिंतबर को मेन्स का पेपर देंगे तो आपको आसानी होगी और समय पर पेपर खत्म कर पाएंगे. पढ़ाई के साथ-साथ पेपर कैसे देना है, इसकी प्रैक्टिस भी बेहद जरूरी है. इसके अलावा निबंध पर अच्छी तरह फोकस कीजिए. सोच लीजिए कि हर रविवार आपको निंबध लिखने की प्रैक्टिस करनी है. हर रविवार स्टॉपवॉच लगाकर निंबध लिखने की प्रैक्टिस भी कीजिए.
अखबार पर नजर बनाए रखें

Shaddi-Vivah Shubh Muhurat 2026: साल 2026 उन लोगों के लिए खास रहने वाला है जो विवाह की तैयारी में हैं. देवशयनी एकादशी से पहले कई महीनों तक लगातार शुभ मुहूर्त मिलेंगे, वहीं चातुर्मास के बाद देवउठनी एकादशी से फिर से विवाह का शुभ दौर शुरू होगा. तो आइए जानते हैं कि साल 2026 शादी-विवाह के लिए कितने मुहूर्त रहने वाले हैं.












