
UP Election: हर दल क्यों कर रहा Ayodhya की परिक्रमा? समझें पूर्वांचल की राजनीति का गणित
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी है. उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं और हर दल का दावा है कि वो बहुमत से बहुत ज्यादा सीटें जीतेगा. इन दावों के पीछे यूपी का चुनावी गणित है और इस गणित में अयोध्या अहम है. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता खुलते ही कई राजनीतिक रास्ते भी खुल गए हैं. अयोध्या से होते हुए राजनीतिक पार्टियों के हक में चार रास्ते जाते हैं. इस वीडियो में देखें उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले हर दल क्यों कर रहा अयोध्या की परिक्रमा?

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

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