
साइबर फ्रॉड पर केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, ऐसे रोकी गई 8690 करोड़ रुपए की ठगी
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देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कई स्तरों पर तकनीकी और संस्थागत कदम उठाए हैं. संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक, इन प्रयासों का असर भी दिखने लगा है. इसकी वजह से अब तक 8690 करोड़ की ठगी रोकी गई है.
देश में बढ़ते साइबर क्राइम के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. संसद में जानकारी दी गई है कि टेक्नोलॉजी और एजेंसियों के समन्वय से अब तक हजारों करोड़ रुपए की ठगी रोकी जा चुकी है. नए सिस्टम और प्लेटफॉर्म के जरिए न सिर्फ अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है, बल्कि हजारों गिरफ्तारियां भी हुई हैं.
गृह मंत्रालय ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए साल 2021 में सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) सिस्टम लॉन्च किया गया था. इस सिस्टम की मदद से 31 जनवरी 2026 तक 8,690 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी रोकी जा चुकी है.
केंद्र सरकार के मुताबिक, 24.65 लाख से ज्यादा साइबर अपराध की शिकायतों में लोगों के पैसे बचाए गए. यह कार्रवाई समय पर अलर्ट और ट्रांजेक्शन को रोकने की प्रक्रिया के जरिए संभव हो पाई. इससे निपटने के लिए साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (CFMC) की स्थापना की गई है. इस प्लेटफॉर्म पर कई एजेंसियां साथ काम करती हैं.
इसमें बैंक, टेलीकॉम कंपनियां और राज्य पुलिस शामिल हैं. अपराधियों की पहचान के लिए केंद्रीय संदिग्ध रजिस्ट्री भी लॉन्च की गई है. इसमें अब तक 23 लाख से ज्यादा संदिग्ध पहचान डेटा और 27 लाख म्यूल बैंक अकाउंट की जानकारी साझा की जा चुकी है. इसके जरिए संदिग्ध ट्रांजेक्शन को समय रहते रोककर ठगी को भी टाला गया.
इसकी रकम 9518 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है. राज्यों के बीच डेटा शेयरिंग और विश्लेषण के लिए समन्वय प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं प्रतिबिंब मॉड्यूल के जरिए अपराधियों की लोकेशन और उनके नेटवर्क को ट्रैक किया जा रहा है. इन सिस्टम्स की मदद से अब तक 21,857 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
इसके साथ ही 1,49,636 साइबर जांच सहायता अनुरोधों को भी हैंडल किया गया है. साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों में कार्रवाई को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने 2 जनवरी 2026 को नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी जारी किया है. यह पूरी जानकारी गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने लोकसभा में दी है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.











