
UP: दो शिक्षकों का निकला ट्रांसफर ऑर्डर, गुस्से में 24 छात्राओं को स्कूल की छत पर बनाया बंधक
AajTak
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक अनोखा मामला सामने आया है. दरअसल, दो शिक्षकों का तबादला आदेश जारी कर दिया गया. इसके बाद गुस्साए शिक्षकों ने स्कूल की छत पर 24 छात्राओं को बंधक बना लिया.
लखीमपुर खीरी जिले के बेहजाम में कस्तूरबा गांधी गर्ल्स स्कूल की 24 छात्राओं को दो शिक्षकों ने स्कूल की छत पर कथित रूप से बंधक बना लिया. शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनका ट्रांसफर ऑर्डर रद्द करने के लिए जिले के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सके.
घटना गुरुवार रात की है. अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने कई घंटों के बाद लड़कियों को उनके हॉस्टल में वापस लाने में कामयाबी हासिल की. लखीमपुर खीरी के बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत पांडे ने शुक्रवार को न्यूज एजेंसी को बताया, "शिक्षकों ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में ट्रांसफर के आदेश को रद्द करने के लिए जिला अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए."
वॉर्डन ने मामले की जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी
बताया जा रहा है कि छात्राओं को बंधक बनाए जाने के बाद हॉस्टल की वार्डन ललित कुमारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी पांडे और जिला बालिका शिक्षा समन्वयक रेणु श्रीवास्तव को घटना की जानकारी दी. जानकारी के बाद दोनों स्कूल पहुंचे और कई घंटों तक आरोपी शिक्षकों को समझाते रहे.
पांडे ने कहा कि स्थानीय पुलिस की महिला कर्मचारियों को भी बुलाया गया और मामले को सुलझा लिया गया. उन्होंने कहा कि दो शिक्षकों मनोरमा मिश्रा और गोल्डी कटियार के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है."
मामले की विभागीय जांच के दिए गए हैं आदेश

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








