
UP: ठंड से बचने के लिए कमरे में लगा था गैस हीटर, दम घुटने से कपल की मौत
AajTak
यूपी के संभल जिले में गैस हीटर दंपत्ति की मौत की वजह बन गया. बताया जा रहा है कि दंपत्ति कमरे में गैस हीटर जलाकर सो रहे थे. इससे उनकी दम घुटने से मौत हो गई. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश के संभल में गैस के रूम हीटर से दम घुटने की वजह से दो लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि कमरे में रूम हीटर की वजह से दम घुटने से ये घटना हुई है. घटना के बाद लोगों ने सूचना पुलिस को दी. जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
जानकारी के अनुसार, ये हादसा संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के अकरौली गांव में हुआ है. बताया जा रहा है कि एक घर में पति-पत्नी कमरे में गैस हीटर जलाकर सोये थे. कमरे में हीटर की वजह से उनका दम घुट गया और उनकी मौत हो गई. सुबह जब परिजनों ने देखा तो परिवार में मातम पसर गया. घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
हीटर की गर्माहट से खत्म होने लगती है कमरे की ऑक्सीजन
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग ढेर से कपड़े पहन लेते हैं, लेकिन फिर भी ठिठुरते रहते हैं. अलाव या हीटर ही इस मौसम में ज्यादातर लोगों का सहारा होता है. हीटर ठंड से राहत तो देता है, लेकिन ये सेहत को कई तरीके से नुकसान पहुंचाता है.
ज्यादातर हीटर के अंदर लाल-गर्म धातु की छड़ें या सिरेमिक कोर होते हैं. ये कमरे के तापमान को बढ़ाने के लिए गर्म हवा बाहर निकालती हैं. ये गर्माहट हवा की नमी को सोख लेती है. हीटर से मिलने वाली हवा बहुत ज्यादा शुष्क होती है. इसके अलावा, ये रूम हीटर हवा से ऑक्सीजन को भी जलाने का काम करते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और दम घुटने लगता है.
(रिपोर्टः अभिनव माथुर)

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









