
नवी मुंबई में DRI का एक्शन, 9.25 करोड़ का चीनी वॉकी-टॉकी जब्त
AajTak
नवी मुंबई बंदरगाह पर डीआरआई ने बड़ी कार्रवाई की है और 9 करोड़ रुपये से ज्यादा की वॉकी-टॉकी और सेकंड हैंड हार्ड डिस्क बरामद किया है. मामले की पुलिस जांच कर रही है.
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने नवी मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर 11,060 प्रतिबंधित वॉकी-टॉकी सेट और सेकंड-हैंड हार्ड डिस्क ड्राइव (HDDs) ज़ब्त किए हैं. जिनकी कुल कीमत 9.25 करोड़ रुपये है. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.
शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुंबई की दो फर्मों के मालिक—एक पिता-पुत्र की जोड़ी ने बिना अनुमति के ये सामान आयात किया था. ऐसे में उन्हें सीमा शुल्क अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर DRI अधिकारियों की एक टीम ने 2.5 करोड़ रुपये के वॉकी-टॉकी और 6.75 करोड़ रुपये मूल्य के सेकंड-हैंड एचडीडीएस को जब्त किया.
यह भी पढ़ें: डीआरआई ने मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ी 35 करोड़ रुपए की ड्रग्स, ट्रॉली बैग में छिपाई थी
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित सामानों को 21 करोड़ रुपये के अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के बीच छिपाकर रखा गया था. चीन से भेजे गए आठ कंटेनरों में आए 30.25 करोड़ रुपये के पूरे माल को गलत घोषणा (misdeclaration) के आरोप में ज़ब्त कर लिया गया.
इस तरह की वॉकी-टॉकी है बैन
साथ ही इस तरह के वॉकी-टॉकी को दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. क्योंकि ये अनुमत आवृत्तियों (frequencies) से बाहर काम करते हैं और इनका उपयोग अनधिकृत संचार के लिए किया जा सकता है. जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा होता है. इन उपकरणों के लिए विशिष्ट लाइसेंस की आवश्यकता होती है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 23वां दिन है. अब ये जंग परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंच गई है. एक दिन पहले इजरायल ने नतांज में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट किया, जिसके जवाब में ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर भीषण हमला कर दिया. ईरान के ये हमले युद्ध को और भीषण बना सकते हैं क्योंकि अब इजरायल तेहरान में लगातार कई ठिकानों को निशाना बना रहा है. नेतन्याहू ने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया है. वहीं ईरान दावा कर रहा है कि डिमोना और अराद पर हमले के बाद युद्ध का पूरा समीकरण बदल गया है.

आज बात पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दंगल की जहां टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है. बंगाल की सियासत इस वक्त अपने चरम पर है, जहां हर बयान, हर कदम और हर मंच चुनावी रणनीति का हिस्सा बन चुका है. कल ईद के मौके पर मंदिर -मस्जिद का रंग देखने को मिला. ममता बनर्जी ने कोलकाता में ईद के मौके पर बीजेपी के घुसपैठिए वाले मुद्दे पर अबतक का सबसे बड़ा पलटवार किया. ईद-उल-फितर के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम में ममता ने पीएम मोदी को सबसे बड़ा घुसपैठिया बता दिया. ये वही मुद्दा है जिस पर पीएम मोदी लगातार ममता सरकार को घेर रहे हैं. ममता के बयान पर बीजेपी ने हार की हताशा में दिया गया बयान बताया. वहीं बीजेपी ने भी बंगाल में अपने वोटरों को मैसेज दिया है. शुभेंदु अधिकारी कालीघाट मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की और मां काली से आशीर्वाद मांगते हुए कहा कि बंगाल में घुसकर बांग्लादेशी घुसपैठियों ने बहुत अत्याचार किया है. बंगाल में अगले महीने दो चरण में वोटिंग होनी है. ऐसे में जैसे-जैसे तारीख नजदीक आएगी, बयान और भी तीखे होंगे और सियासी चालें और भी पेचीदा. लेकिन सवाल ये कि क्या बंगाल मंदिर-मस्जिद की राजनीति से बाहर निकल पाएगी. इस बार बंगाल में किस पार्टी की नैरेटिव का सिक्का चलेगा. बीजेपी-टीएमसी की आमने-सामने की लड़ाई में आखिर कांग्रेस और कभी 34 साल तक लगातार सरकार में रहने वाली लेफ्ट क्या कर रही है.

दिल्ली में जद (यू) के पूर्व नेता केसी त्यागी ने रविवार को राष्ट्रीय लोक दल जॉइन कर लिया. उन्होंने जयंत चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली. इससे पहले मंगलवार को उन्होंने बिना कारण बताए जद (यू) से इस्तीफा दिया था. 2003 से पार्टी से जुड़े त्यागी महासचिव, प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं.

पंजाब की मान सरकार की 'एकमुश्त निपटान स्कीम' को व्यापारियों का भारी समर्थन मिला है. पुराने टैक्स बकाये के जरिए अब तक सरकारी खजाने में 111.16 करोड़ रुपये आ चुके हैं. हालांकि, इस राहत का फायदा सिर्फ 31 मार्च तक ही उठाया जा सकता है. इसके बाद सरकार नरम रुख छोड़कर सख्त एक्शन लेगी और करीब 8,000 संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 23वां दिन है. अब ये जंग परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंच गई है. एक दिन पहले इजरायल ने नतांज में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट किया, जिसके जवाब में ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर भीषण हमला कर दिया. ईरान के ये हमले युद्ध को और भीषण बना सकते हैं क्योंकि अब इजरायल तेहरान में लगातार कई ठिकानों को निशाना बना रहा है. नेतन्याहू ने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया है. वहीं ईरान दावा कर रहा है कि डिमोना और अराद पर हमले के बाद युद्ध का पूरा समीकरण बदल गया है.

विश्व जल दिवस पर 'जल है तो कल है' जैसे नारे सुनने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत आज भी बहुत कड़वी है. सरकारी कागजों में 'हर घर जल' के बड़े-बड़े दावे तो दिखते हैं, पर असलियत में आज भी लोगों को प्यास बुझाने के लिए दूर-दूर तक पैदल चलना पड़ रहा है. कई परिवारों को तो पानी के लिए खुद कुएं तक खोदने पड़ रहे हैं. जब तक पानी के लिए यह जानलेवा संघर्ष और लंबी कतारें खत्म नहीं होतीं, तब तक ये जल दिवस सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख बनकर ही रह जाएगा.







