
UGC NET 2024 New Exam Date: अब इस दिन होगा यूजीसी नेट एग्जाम, पहले 15 जनवरी को होनी थी परीक्षा
AajTak
UGC NET 2024 New Exam Date: 15 जनवरी को होने वाली परीक्षा मकर संक्रांति और पोंगल त्योहारों के कारण स्थगित कर दी गई थी. एनटीए ने कहा कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नई एग्जाम डेट जारी कर दी है.
UGC NET 2024 New Exam Date: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट दिसंबर 2024 परीक्षा का जरूरी नोटिस जारी किया है. एनटीए ने 15 दिसंबर 2025 की स्थगित हुई परीक्षा का नया शेड्यूल जारी कर दिया है. जो उम्मीदवार 15 जनवरी को आयोजित होने वाली यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (UGC NET) दिसंबर 2024 में शामिल होने वाले थे, वे एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर जाकर नई एग्जाम डेट चेक कर सकते हैं.
एनटीए द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, यूजीसी नेट की जो परीक्षा 15 जनवरी को होने वाली थी वह अब 21 जनवरी और 27 जनवरी 2025 को सिंगल शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. 21 जनवरी की परीक्षा सुबह की शिफ्ट में 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, जबकि 27 जनवरी को परीक्षा दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक होगी. अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नोटिस को ध्यान से पढ़ें.
क्यों स्थगित हुआ यूजीसी नेट एग्जाम?
दरअसल, 15 जनवरी को होने वाली परीक्षा मकर संक्रांति और पोंगल त्योहारों के कारण स्थगित कर दी गई थी. एनटीए ने कहा कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है. उस दिन जनसंचार और पत्रकारिता, कानून, इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान सहित 17 विषयों की परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं. इस साल, यूजीसी नेट परीक्षा 3 जनवरी, 2025 को शुरू हुई और 27 जनवरी, 2025 तक चलेगी. पेपर का माध्यम केवल अंग्रेजी और हिंदी में होगा, भाषा के पेपर को छोड़कर टेस्ट पेपर में दो सेक्शन होंगे. दोनों सेक्शन में वस्तुनिष्ठ प्रकार के, बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे. पेपर के बीच कोई ब्रेक नहीं होगा.
यहां देखें एनटीए का जरूरी नोटिस
जल्द जारी होगा यूजीसी नेट का फ्रैश एडमिट कार्ड

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












