
The Bluff Review: पाइरेट प्रियंका का प्रॉपर हॉलीवुड एक्शन देखकर देसी 'एनिमल्स' के पसीने छूट जाएंगे
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'द ब्लफ़' में प्रियंका चोपड़ा का पाइरेट अवतार जबरदस्त एक्शन और स्टाइल से भरा है. कहानी कुछ जगहों पर गहराई मांगती जरूर है, लेकिन प्रियंका का फेस-ऑफ और उनका खतरनाक अंदाज फिल्म देखने की ठोस वजह बन जाता है. एक्शन लवर्स के लिए ये विजुअल ट्रीट है.
देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा अमेजन प्राइम की फिल्म 'द ब्लफ़' में जिस अवतार में हैं, वो न जाने कितने मेल एक्टर्स का ड्रीम रोल है. फिल्म में प्रियंका कुछ को खंजर-तलवार से काट दे रही हैं. कुछ को जिंदा फूंक दे रही हैं. और कितनों को तो उन्होंने सीधा बम से उड़ा दिया है. हालांकि, एक-आध बार आप सोच सकते हैं कि उनका शिकार करने आए एक मीडियम साइज पाइरेट शिप में इतने ज्यादा आदमी फिट कैसे हुए! मगर ये सब बातें अभी साइड रखते हैं. जब प्रियंका इतनी भौकाली एक्शनबाजी के साथ अल्टिमेट पाइरेट अवतार में जलवाफरोश हों, तो कितने बंदे कट-पिट रहे हैं इससे क्या फर्क पड़ता है. आने दो.
एक आइलैंड, एक पाइरेट और एक परिवार पाइरेट कैप्टन कॉनर (कार्ल अर्बन) ने आदतन समंदर में दिखी एक अनजान शिप पर कब्जा कर लिया है. जिसके कैप्टन टी एच बॉडेन (इस्माइल क्रूज कॉर्डोवा) के पास कॉनर को एक गोल्ड बिस्किट मिला है. सालों पहले कॉनर की पाइरेट गैंग से उसके एक साथी ने बगावत की थी और बक्सा भर सोना लेकर फरार हो गया था. बॉडेन के पास मिला बिस्किट उसी बक्से वाला है. सालों से अपना वो माल और उस गद्दार साथी को तलाश रहा कॉनर का अगला टारगेट अब वो आइलैंड है, जहां बॉडेन का घर है.
घर में बॉडेन की बहन है, एक विकलांग बेटा है. इन्हें संभाल रही है बॉडेन की बीवी एरसेल (प्रियंका चोपड़ा). इन्हें उठाने गए कॉनर गैंग के पहले जत्थे को बहुत बुरी तरह 10 ही मिनट में पता चल जाता है कि एरसेल को सिर्फ एक हाउसवाइफ समझकर उन्होंने कितनी बड़ी गलती की है. गलतियां तो ठीक हो जाती हैं, पर उसके लिए आदमी जिंदा होना चाहिए. ईश्वर बेचारों की आत्मा को शांति दे.
कॉनर की गैंग को जल्द ही पता चलने वाला है कि एरसेल कौन है, क्या कर सकती है और किस हद तक कर सकती है. उन पर होने वाली ये ज्ञानवर्षा स्टाइलिश, धारदार एक्शन और बिग स्क्रीन हीरोइज्म का शानदार शाहकार है. यहां 'ब्लफ़' भूगोल का शब्द है. समंदर की उफान मारती लहरों की काट-छांट से किनारे की जमीन में गुफानुमा खाली जगहें बन जाती हैं. बॉडेन के आइलैंड पर ऐसे ही एक 'ब्लफ़' में कॉनर गैंग का शिकार होना है. इसीलिए फिल्म का टाइटल है 'द ब्लफ़'.
एक्शन का जलवा, राइटिंग का हलवा मार्वल की सुपरहीरो फिल्में और एक्शन थ्रिलर्स लेकर आने वाले रूसो बंधुओं के मामले में ये गारंटी रहती है कि एक्शन सांसें रोक देने वाला होगा. कॉनर के बंदों की एरसेल से पहली 'मीटिंग' का एक्शन सच में सांसें रोक देने वाला लगता है. दो वजहों से. एक तो आपको अनुमान नहीं है कि ऐसा होने वाला है और फाइट सीन्स का डिजाइन वाकई दमदार है. लेकिन जब आपको पता लग चुका है कि एरसेल क्या करने वाली है, तो आगे का सहारा यही बचता है कि एक्शन डिजाइन लगातार और धांसू होता जाए. 'द ब्लफ़' में ऐसा थोड़ा कम हुआ है.
फ्रैंक ई फ्लावर्स ने प्रियंका की एक्शन स्टार इमेज को एक लेवल और ऊंचा तो किया है. प्रियंका ने ये जिम्मेदारी अपने मजबूत कंधों पर खूब संभाली भी है. मगर इस एक्शन हाइवे के दाएं-बाएं थोड़ी माहौलबाजी के लिए कोई खोखा-टपरी नहीं है. कॉनर से डरने की एक ही वजह है कि खुद प्रियंका का किरदार उससे घबराता है. इसके अलावा कॉनर के पीछे ऐसा कोई सबप्लॉट नहीं है, जो उसका जलवा बताता हो. वो तो कार्ल अर्बन खुद इतने स्टाइलिश स्वैग वाले एक्टर हैं कि अपने काम से आपका ध्यान बांधे रखते हैं.













