
Tejas 1st Flight: स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस की पहली उड़ान... जानिए पहाड़ी इलाकों में इंडियन मिलिट्री के कैसे आएगा काम?
AajTak
स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस के ट्रेनर एयरक्राफ्ट ने 5 अप्रैल 2023 को अपनी पहली उड़ान भरी. ये दो पायलट वाला फाइटर जेट है. इसे LiFT यानी लीड-इन फाइटर ट्रेनर कहते हैं. साथ ही इसे ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट भी बुलाते हैं. यानी जरुरत पड़ने पर इससे हमला भी किया जा सकता है. जानिए देश में बने जेट की खासियतें...
5 अप्रैल 2023 को स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस (LCA Tejas) ट्रेनर विमान ने अपनी पहली उड़ान भरी. 35 मिनट की ये उड़ान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के एयरपोर्ट से की गई. इस ट्रेनर विमान को LCA Trainer (LT 5201) नाम दिया गया है. इसे लीड-इन फाइटर ट्रेनर यानी LiFT भी कहते हैं. यानी इसका मुख्य उद्देश्य फाइटर जेट की ट्रेनिंग देना है. लेकिन जरुरत पड़ने पर इससे हवा से जमीन पर हमला भी कर सकते हैं.
अभी ये विमान सिर्फ वायुसेना के फाइटर जेट LCA Tejas की ट्रेनिंग के लिए बनाया गया है. लेकिन कुछ ही सालों में नौसेना के लिए भी अलग ट्रेनिंग विमान बनेगा. वह भी इसी प्लेटफॉर्म पर. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स तेजस के प्लेटफॉर्म पर ही ट्विन-इंजन डेक बेस्ड फाइटर (TEDBF), ओमनी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (ORCA), CATS MAX यानी कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम, तेजस मार्क-2 और SPORT यानी सुपरसोनिक ओमनी-रोल ट्रेनर भी बनाया जाएगा. कुछ पर काम चल रहा है.
Our thanks to ADA, DGAQA, CEMILAC and others involved in this success. @DefProdnIndia @SpokespersonMoD @gopalsutar pic.twitter.com/m2iiwDFmxr
भारतीय वायुसेना ने 123 तेजस फाइटर जेट मांगे थे. जिसमें से 26 डिलिवर किए जा चुके हैं. ये सभी तेजस मार्क -1 हैं. ऐसे अभी 13 और दिए जाएंगे. इसके बाद बाकी 83 फाइटर जेट्स तेजस मार्क-1ए होंगे, जो 2024 से 2028 के बीच मिलेंगे. फिलहाल तेजस फाइटर जेट के दो स्क्वॉड्रन हैं. दोनों सुलूर एयरफोर्स बेस पर मौजूद हैं. एक का नाम फ्लाइंग डैगर्स और दूसरे का फ्लाइंग बुलेट्स.
छोटी और तेज लड़ाई के लिए घातक हथियार

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








