
Tariff News: 'भारत पर बेतहाशा टैरिफ लगाने के बहाने ढूंढ रहे ट्रंप', अमेरिकी सासंद क्यों कर रहे ऐसा दावा?
ABP News
अमेरिका और भारत ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि उनके बीच व्यापार संबंधी एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा को लेकर सहमति बन गई है.
भारतीय सामानों पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत करने के डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बीच एक अमेरिकी सांसद ने बड़ा दावा किया है. अमेरिका के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर बेतहाशा शुल्क लगाने के बहाने ढूंढ रहे हैं और उन्होंने ट्रंप से इस नीति को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया है.
सांसद ब्रैड शेरमैन ने बुधवार (19 फरवरी, 2026) को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर बेतहाशा शुल्क लगाने के बहाने ढूंढ रहे हैं.' प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति और वित्तीय सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य शेरमैन ने कहा कि ट्रंप का दावा है कि भारत पर रूसी तेल के आयात के लिए शुल्क लगाया गया था.
उन्होंने कहा कि हंगरी रूस से 90 प्रतिशत कच्चा तेल खरीदता है लेकिन उस पर अमेरिका ने कोई शुल्क नहीं लगाया. चीन रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है, उस पर भी इसे लेकर कोई प्रतिबंध नहीं, हालांकि उस पर अन्य कारणों से अमेरिका ने कार्रवाई की गई है. शेरमैन ने कहा, 'भारत रूस से अपने कच्चे तेल का सिर्फ 21 प्रतिशत ही खरीदता है फिर भी हमारे सहयोगी को निशाना बनाया गया. राष्ट्रपति ट्रंप को यह नीति तुरंत बदलनी चाहिए.'
अमेरिका और भारत ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि उनके बीच व्यापार संबंधी एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा को लेकर सहमति बन गई है. इसी के साथ ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी करके रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क हटा दिए. अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की इस प्रतिबद्धता का उल्लेख किया कि वह रूस से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से तेल का आयात करना बंद करेगा और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदेगा. इस व्यापार समझौते के तहत, अमेरिका भारत पर पारस्परिक शुल्क की दर घटाकर 25 प्रतिशत से 18 प्रतिशत करेगा.













