
'सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ा गया...' बांके बिहारी मंदिर में ‘जगमोहन’ विवाद से बवाल, जानिए क्या है पूरा मामला
ABP News
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में ठाकुर जी को गर्भगृह से निकालकर चबूतरे पर विराजमान करने को लेकर विवाद बढ़ गया. हाई पावर्ड कमेटी के इस फैसले पर सवाल खड़े करते हुए विरोध किया जा रहा है.
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में एक बार फिर परंपरा बनाम व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ठाकुर जी को दर्शन के दौरान गर्भगृह से निकालकर जगमोहन चबूतरे पर विराजमान कराने के हाई पावर्ड कमेटी के फैसले के बाद मंदिर परिसर में बवाल की स्थिति बन गई. आरोप लगाए गए कि सदियों पुरानी पूजा परंपरा को तोड़ा गया, यहां तक कि कुछ समय के लिए ठाकुर जी को गर्भ गृह में जंजीर से बंद करने तक की बात कही गई. हालांकि, समिति ने इन सभी आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि फैसला केवल श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर दर्शन व्यवस्था के लिए लिया गया है.
कमेटी ने दिया ये आदेश
हाई पावर्ड कमेटी ने आदेश दिया कि भीड़ नियंत्रण और बेहतर दर्शन के लिए ठाकुर जी की प्रतिमा को गर्भगृह से निकालकर जगमोहन पर विराजमान कराया जाए. साथ ही लाइन से दर्शन की व्यवस्था लागू करने का भी निर्णय लिया गया. जहां गोस्वामी का एक पक्ष का कहना है कि यह परंपरा को “तार-तार” करने जैसा है, जबकि कमेटी इसे भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से जरूरी कदम बता रही है.
कुछ श्रद्धालुओं ने आदेश पर जताया विरोध













