
अलवर के SDM बने दूल्हा, जामनगर की SDM दुल्हन, दिखावे की परंपरा तोड़ी, सादगी से की कोर्ट मैरिज
ABP News
Rajasthan News: अलवर में तैनात एसडीएम माधव भारद्वाज और गुजरात के जामनगर में पदस्थ एसडीएम अदिति वासने ने जिला कलेक्टर के चैंबर में की कोर्ट मैरिज. यह शादी समाज के लिए एक मजबूत संदेश बनी है.
शादियों को लेकर हमारे समाज में एक धारणा बन चुकी है, बड़ी बारात, चमक-दमक, बैंड-बाजा, दिखावे की होड़ और लाखों का खर्च. लेकिन जब देश के दो जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी खुद सादगी की मिसाल बन जाएं, तो वह सिर्फ शादी नहीं रहती, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश बन जाती है. राजस्थान के अलवर में तैनात एसडीएम माधव भारद्वाज (IAS Madhav Bharadwaj) और गुजरात के जामनगर में पदस्थ एसडीएम अदिति वासने (IAS Aditi Varshney) ने अपनी शादी को एक सामाजिक संदेश में बदल दिया. दोनों आईएएस अधिकारियों ने बिना किसी तामझाम, बिना शोर-शराबे और बिना फिजूलखर्ची के बेहद सादगी पूर्ण तरीके से विवाह कर यह साबित कर दिया कि रिश्तों की मजबूती दिखावे से नहीं, सोच और संस्कारों से बनती है.
बुधवार (18 फरवरी) को अलवर के मिनी सचिवालय में उस समय एक अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब जिला कलेक्टर अर्पिता शुक्ला के चैंबर में दोनों अधिकारियों ने कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया पूरी की. दोनों की शादी में ना कोई भव्य मंच, ना कोई सजावट का शोर, ना सैकड़ों लोगों की भीड़ और ना ही पारंपरिक बैंड-बाजा था. सिर्फ परिवार के बेहद करीबी सदस्य मौजूद रहे.
दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और पूरे सम्मान व गरिमा के साथ जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया. यह शादी भले ही छोटी थी, लेकिन इसका संदेश बहुत बड़ा था.
यह शादी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सामाजिक दबाव में आकर अनावश्यक खर्च करते हैं या कर्ज लेकर शादी करते हैं. इस फैसले ने यह सोच मजबूत होती है कि जीवन की शुरुआत अगर सादगी और समझदारी से हो, तो आगे का सफर भी संतुलन और संस्कारों से भरा होता है. इन अफसरों ने अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी के साथ यह भी साबित कर दिया कि निजी जीवन में भी मूल्य और अनुशासन उतने ही जरूरी हैं जितने प्रशासनिक सेवा में.













