
Sri Lanka News: सांसद को कार समेत पानी में डुबोया! देखें श्रीलंका के हालात कितने खतरनाक
AajTak
श्रीलंका में हालात बेकाबू हो गए हैं. सड़कों पर कोहराम मचा है, हिंसा और दंगों की आग में जल रहे श्रीलंका में पिछले दो दिनों में 8 लोगों की मौत हो गयी है. ऐसे हालात में सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए श्रीलंका के रक्षामंत्री ने देखते ही गोली मारने का आदेश दे दिया है, वहीं 12 मई की सुबह सात बजे तक कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है. जहां पिछले दो साल से आम जनता महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता की आग में जल रही थी उसकी लपटों ने राजपक्षे सरकार की लंका का दहन कर दिया. गुस्साई भीड़ ने ना सिर्फ कोलंबो में पूर्व प्रधानमंत्री राजपक्षे के सरकारी आवास को आग के हवाले कर दिया बल्कि हंबनटोटा में राजपक्षे परिवार के पैतृक घर को भी नहीं छोड़ा. जनता के गुस्से की आग में कई सांसदों और मंत्रियों के घर जलकर खाक हो चुके हैं. श्रीलंका में जारी हिंसा में अबतक कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी हैं जिसमें एक सांसद भी शामिल है. देखें ये वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









