
Shetala Mata Aarti: शीतला अष्टमी के दिन करें माता शीतला की आरती, हो जाएंगे हर रोग से मुक्त
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Shetala Mata Aarti: होली के ठीक 8 दिन बाद शीलता अष्टमी यानी बासोड़ा आता है. चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को शीतलाष्टमी के रूप में मनाते हैं. इस दिन शीतला मां की विशेष पूजा की जाती है. माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है.
Shetala Mata Aarti: हिंदू धर्म में शीतला माता का विशेष महत्व है और इसी उपलक्ष्य में शीतला अष्टमी का पर्व भी मनाया जाता है. कहते हैं कि जो भी शीतला अष्टमी का पूजन करता है उसे रोगों के संक्रमण से मुक्ति मिल जाती है. इस माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. वहीं, इस दिन पूजन के समय माता शीतला की कथा और आरती दोनों पढ़नी चाहिए.
माता शीतला की आरती
ओम जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता, आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता। जय शीतला माता...
रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता, ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें, जगमग छवि छाता। जय शीतला माता...
विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता, वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता। जय शीतला माता...
इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा हाथा, सूरज ताल बजाते नारद मुनि गाता। जय शीतला माता...

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