
Share Market: आज बेचा शेयर कल अकाउंट में पैसा! जानें-क्या होंंगे T+1 सिस्टम के फायदे?
AajTak
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने स्टॉक एक्सचेंजों को इस बात की इजाजत दे दी है कि वे कम अवधि में निपटान वाले T+1 settlement चक्र को अपनाएं.
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने स्टॉक एक्सचेंज को इस बात की इजाजत दे दी है कि वे कम अवधि में निपटान वाले T+1 settlement चक्र को अपनाएं. यह व्यवस्था 1 जनवरी, 2022 से लागू होगी. आइए जानते हैं कि क्या है यह सिस्टम और इससे शेयर कारोबारियों, निवेशकों को क्या फायदे होंगे? (फाइल फोटो) क्या होता है सेटलमेंट चक्र: शेयर बाजार में लेनदेन की व्यवस्था बैंक या अन्य जगहों से अलग होती है. बैंक या अन्य पेमेंट सिस्टम से पैसा ट्रांसफर या लेनेदेन होते ही आपके खाते में पहुंच जाता है. लेकिन शेयर बाजार में ऐसा नहीं होता. फिलहाल शेयर बाजार T+2 निपटान चक्र (settlement cycle) पर काम करता है. (फाइल फोटो) इसका मतलब यह है कि अगर आपने आज कोई शेयर खरीदा तो शेयर वास्तव में आपके डीमैट अकाउंट में ट्रेड डे ‘T’ day के तीसरे दिन यानी आज के दो दिन बाद T+2 में पहुंचता है. इसी तरह आपने कोई शेयर बेचा तो उसका पैसा खाते में तीसरे दिन पहुंचता है. इससे सेटलमेंट या निपटान चक्र कहते हैं. (फाइल फोटो: Getty Images)
'भारत से प्यार है, लेकिन अमेरिका ने मेरी जिंदगी बदल दी'... अमेरिका में रहने वाले युवक की पोस्ट वायरल
वेणु अमेरिका में रहते हैं और एक इंवेस्टर हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका आने के बाद उनकी सोच और जिंदगी बदल गई. यहां मेहनत, अनुशासन और धैर्य की बहुत कद्र होती है. जो ईमानदारी से मेहनत करता है और जोखिम लेने को तैयार है, वह आगे बढ़ सकता है.

चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 19 जनवरी 2026 को चांदी तीन लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. 2004 में चांदी की कीमत मात्र दस हजार रुपये प्रति किलो थी, जो अब तीन सौ गुना बढ़ चुकी है. अगर ये रफ्तार जारी रही तो 2030 तक चांदी बारह लाख रुपये प्रति किलो, 2040 तक एक करोड़ और 2050 तक तीन से पाँच करोड़ रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है.

Aaj 20 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 जनवरी 2026, दिन- मंगलवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, द्वितीया तिथि , श्रवण नक्षत्र दोपहर 13.06 बजे तक फिर धनिष्ठा नक्षत्र, चंद्रमा- मकर में, सूर्य- मकर में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.11 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 15.11 बजे से दोपहर 16.31 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर आश्चर्यजनक और अविश्वसनीय दृश्य दिखे. इस बार 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में अमृत स्नान किया, जो कई देशों की आबादी से भी अधिक है. अमृत स्नान को राजसी स्नान के नाम से जाना जाता है, जहां 13 अखाड़ों के नागा साधु हाथी, घोड़े और रथ पर सवार होकर भव्यता के साथ संगम में स्नान करते हैं.

शादी के पलों को खास बनाने के लिए लोग अक्सर भव्य सजावट, डांस परफॉर्मेंस और ग्रैंड एंट्रीज का सहारा लेते हैं. लेकिन कभी-कभी किसी रिश्ते की सबसे खूबसूरत झलक सादगी में छिपी होती है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक शादी का वीडियो यही साबित कर रहा है, जहां दुल्हन ने अपनी ही शादी में ऐसी चीज की, जिसने हर किसी का दिल छू लिया.








