
Shadi Vivah Muhurt 2025: नवंबर में गूंजेंगी शहनाइयां, जानें दिसंबर में क्यों नहीं बन रहा शादी-ब्याह का संयोग
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Shadi Vivah Muhurt 2025: द्रिक पंचांग के अनुसार, 26 नवंबर 2025 को शुक्र तारा अस्त हो जाएगा. इसके बाद शुक्र देव 9 फरवरी 2026 तक अस्त अवस्था में ही रहेंगे. इसलिए 26 नवंबर से लेकर 9 फरवरी तक शादी-विवाह का कोई शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है.
November 2025 Vivah Shubh Muhurat: हर साल कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवउठनी एकादशी मनाई जाती है. इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और चातुर्मास का समापन होता है. भगवान विष्णु के जागते शुभ व मांगलिक कार्यों पर लगी पाबंदी हट जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को पड़ रही है. देवउठनी एकादशी से ही शादी-विवाह की शहनाइयां भी गूंजने लगेंगी. आइए जानते हैं कि देवउठनी एकादशी के बाद शादी-विवाह के कितने शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं.
नवंबर में शादी-विवाह के मुहूर्त रविवार, 2 नवंबर 2025 सोमवार, 3 नवंबर 2025 बुधवार, 5 नवंबर 2025 गुरुवार, 6 नवंबर 2025 शनिवार 8 नवंबर 2025 शुक्रवार, 12 नवंबर 2025 गुरुवार, 13 नवंबर 2025 रविवार, 16 नवंबर 2025 सोमवार, 17 नवंबर 2025 मंगलवार, 18 नवंबर 2025 गुरुवार, 21 नवंबर 2025 शुक्रवार, 22 नवंबर 2025 शनिवार, 23 नवंबर 2025 सोमवार, 25 नवंबर 2025
26 नवंबर से शुक्र तारा अस्त द्रिक पंचांग के अनुसार, 26 नवंबर 2025 को शुक्र तारा अस्त हो जाएगा. इसके बाद शुक्र देव 9 फरवरी 2026 तक अस्त अवस्था में ही रहेंगे. इसलिए 26 नवंबर से लेकर 9 फरवरी तक शादी-विवाह का कोई शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र तारा जब अस्त होता है तो किसी भी प्रकार के शुभ व मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. ऐसा कहते हैं कि यदि शुक्र तारा अस्त होने पर विवाह जैसे शुभ काज संपन्न किए जाएं तो जीवन में कड़वाहट और कलह जैसी समस्याएं बनी रहती हैं.
हालांकि इस दौरान जप-तप, धार्मिक अनुष्ठान, नामकरण संस्कार, गृह प्रवेश, मुंडन, कर्णछेदन संस्कार या किसी नए कार्य की शुरुआत आदि शुक्र अस्त काल में भी जारी रखे जा सकते हैं. इन कार्यों पर अस्त शुक्र का कोई खास प्रभाव नहीं रहता है. लेकिन शादी-विवाह और सगाई जैसे कार्यों से इस दौरान बचना चाहिए. इसलिए यदि वर्ष 2025 में आप शादी-विवाह के बारे में विचार कर रहे हैं तो इस कार्यों को 2 नवंबर 2025 से लेकर 22 नवंबर 2025 के बीच बन रहे शुभ मुहूर्त में ही निपटा लें.

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