
Salary Planning: मनीष की तरह आपकी भी है 50 हजार सैलरी, फिर ऐसे करें खर्च... खूब बचेगा पैसा
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Best Salary Saving Plan: मनीष ही नहीं, बल्कि जिनकी सैलरी 50,000 रुपये के आसपास है, वे भी इस तरीके को अपनाकर आगे बढ़ सकते हैं. इसमें बताया गया है कि 50,000 रुपये की सैलरी में घर कैसे चलाएं और साथ में बचत भी कैसे करें.
मनीष पिछले आठ साल से एक निजी कंपनी में काम कर रहे हैं और उनकी फिलहाल मंथली सैलरी 50,000 रुपये है. मनीष शादीशुदा हैं और उनके दो बच्चे हैं, एक की उम्र 7 साल और दूसरे की 3 साल है. मनीष का कहना है कि उनकी पूरी सैलरी घर-परिवार के खर्च में चली जाती है. हर बार सैलरी मिलने पर वे सोचते हैं कि इस महीने से 10,000 रुपये बचाएंगे, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है.
दरअसल, मनीष यह समझना चाहते हैं कि अपनी सैलरी और खर्चों के बीच संतुलन कैसे बनाएं, ताकि घर का खर्च भी ठीक से चल सके, बच्चों की पढ़ाई भी हो सके और भविष्य के लिए थोड़ी-थोड़ी बचत भी हो सके. उन्हें यह भी पता है कि अभी सिर्फ एक बच्चा स्कूल जा रहा है, लेकिन कुछ साल बाद दूसरा बच्चा भी स्कूल जाएगा, जिससे खर्च और बढ़ेगा. साथ ही, किसी इमरजेंसी में बचत ही उनका सहारा होगी.
मनीष ही नहीं... लाखों लोगों की यही है कहानी
मनीष का मानना है कि उनकी सैलरी 50,000 रुपये महीने की है और इसी में सारा प्रबंधन करना है. भारत में करोड़ों लोग ऐसे हैं, जिनकी आय मनीष से भी कम है, फिर भी वे अपनी आमदनी और खर्चों में तालमेल बिठाकर बचत कर लेते हैं. ऐसे में मनीष को सबसे पहले अपनी जरूरतों की सूची बनानी होगी और उन्हें वित्तीय मार्गदर्शन की आवश्यकता है.
मनीष ही नहीं, बल्कि जिनकी सैलरी 50,000 रुपये के आसपास है, वे भी इस तरीके को अपनाकर आगे बढ़ सकते हैं. इसमें बताया गया है कि 50,000 रुपये की सैलरी में घर कैसे चलाएं और साथ में बचत भी कैसे करें.
सबसे पहले हर किसी को घर की जरूरत होती है, चाहे किराये का मकान हो या होम लोन की EMI, यह फैसला सैलरी के हिसाब से करना होगा. मनीष की सैलरी 50,000 रुपये है, इसलिए वे अधिकतम 15% यानी 15,000 रुपये तक इस पर खर्च कर सकते हैं.

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