
Russia-Ukraine War: 'यूक्रेन के पास न्यूक्लियर बम गिराने की क्षमता', रूसी विदेश मंत्री ने बताई न्यूक्लियर वॉर की वजह
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रूस-यूक्रेन की जंग का आज 29वां दिन है. करीब एक महीने से रूसी सेना यूक्रेन पर कब्जे की जंग लड़ रही है. युद्ध के बिगड़ते हालात को देखते हुए आज नाटो की आपात बैठक बुलाई गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बैठक में शामिल होने के लिए ब्रसेल्स पहुंच गए हैं. ब्रसेल्स के बाद राष्ट्रपति बाइडेन पोलैंड की यात्रा पर जाएंगे. रूस ने बाइडेन की इस यात्रा पर कड़ा विरोध जताया है. रूस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी राजनयिकों को निकाल दिया है. इससे पहले अमेरिका रूस के 12 राजनियकों को जासूसी के आरोप में बर्खास्त कर चुका है.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









