
Russia Ukraine War: मारियुपोल में अबतक 959 यूक्रेनी सैनिकों का सरेंडर, रूस कई को अपने साथ ले गए
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ब्रिटिश सेना के अफसरों का कहना है कि मारियुपोल में यूक्रेनी हमलों पर काबू पाने के लिए रूस को चेचन सैनिकों की मदद लेनी पड़ी थी. यूके के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन के तेज हमलों की वजह से रूस को मारियुपोल पर पूरी तरह से कब्जा करने में इतना समय लग गया. रूसी सेनाओं पर इसके लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है.
करीब तीन महीने से जारी युद्ध के बाद यूक्रेन ने अपना दक्षिणी किला मारियुपोल गंवा दिया है. रूस के सामने यूक्रेन की आखिरी टुकड़ी ने भी सरेंडर कर दिया गया है. रूसी सेना का दावा है कि अब तक करीब 1 हजार यूक्रेनी सैनिक मारियुपोल छोड़ चुके हैं.
रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेनकोव ने बुधवार को कहा कि अजोवस्टल स्टील प्लांट में पिछले 24 घंटे में 694 यूक्रेनी सैनिकों ने रूसी सैनिकों के सामने सरेंडर किया है. सोमवार से अब तक कुल 959 सैनिक सरेंडर कर चुके हैं. हालांकि यूक्रेन ने रूस के इस दावे की पुष्टि नहीं की है. यूक्रेनी अधिकारियों ने संयंत्र छोड़ने वाले सैनिकों की संख्या अभी तक जारी नहीं की है.
3000 लोगों को अपने साथ ले गए रूसी सैनिक
यूक्रेन के मानवाधिकार लोकपाल ल्यूडमिला डेनिसोवा ने कहा कि रूसी सेना ने मारियुपोल से 3,000 से ज्यादा लोगों को पकड़कर पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में Olenivka के पास स्थित एक कॉलोनी में रखा है.
मारियुपोल स्टील प्लांट से सात बसों से कई यूक्रेनी सैनिकों को भी यहीं लाया गया है. उन्होंने दावा किया कि ज्यादा नागरिकों को यहां एक महीने रखा जाता है, लेकिन पूर्व सैनिकों और लड़ाकों को दो महीने के लिए रखा जाता है.
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