
Russia-Ukraine: जंग की आग में घी बनेगा बाइडेन का यूक्रेन बॉर्डर जाना! जानें क्यों मची दुनिया में हलचल
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सबसे बड़ी बात ये है कि 25 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन नाटो समिट में हिस्सा लेने के लिए पोलैंड जा रहे हैं. युद्ध के दौरान इस दौरे से पहले व्हाइट हाउस ने आने वाले दिनों को लेकर बड़ा संकेत दे दिया है. तो क्या बाइडेन की यूरोप यात्रा को विश्वयुद्ध की प्रस्तावना माना जाए, या फिर बाइडेन ने अपने पत्ते खोल दिए है और पुतिन पर दबाव बनने की रणनीति अपनाई है? दरअसल युद्धकाल में अमेरिकी राष्ट्रपति का यूक्रेन बॉर्डर तक जाना, पुतिन को सीधा संदेश है कि वो यूक्रेन के साथ थे और आगे भी रहेंगे. अगर जरूरत पड़ी तो जंग के मैदान में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे, क्योंकि ये कमिटमेंट बाइडेन ने युद्ध शुरू होने के बाद ही कर दिया था.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

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