
Rinku Singh Team India: रिंकू सिंह ने दिखा दिया वही हैं Mister Finisher... दिला दी धोनी-युवराज की याद
AajTak
टीम इंडिया के बल्लेबाज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में फिनिशर का रोल बखूबी निभाया है. पहले मैच में रिंकू ने नाबाद 22 रन बनाए, वहीं दूसरे मुकाबले में इस बल्लेबाज ने 9 गेंदों में 31 रनों की धांसू पारी खेली.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है. सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम ने पांच में से शुरुआती दो मुकाबले जीत लिए हैं और वह सीरीज जीतने की दहलीज पर है. दोनों टीमों के बीच टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला 28 नवंबर (मंगलवार) को गुवाहाटी में खेला जाना है.
भारतीय टीम के दमदार खेल में उसके बल्लेबाजों की अहम भूमिका रही है. यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, सूर्यकुमार और ऋतुराज गायकवाड़ ने रनों की बरसात की है. ईशान क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल में हार की निराशा को भुलाते हुए लगातार दो अर्धशतक जड़ चुके हैं. जबकि सूर्या, ऋतुराज और यशस्वी ने एक-एक अर्धशतक लगाया है.
इन सबके बीच सबसे ज्यादा जिस भारतीय खिलाड़ी की चर्चा हो रही है, वो रिंकू सिंह हैं. रिंकू ने दोनों ही मैचों में फिनिशर का रोल बखूबी ढंग से अदा किया है. पहले मैच में रिंकू ने 14 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 22 रन बनाए. वहीं दूसरे मुकाबले में रिंकू ने 9 गेंदों में 31 रनों की धांसू पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 2 छक्के और 4 चौके जमाए.
रिंकू की बैटिंग में दिखती है धोनी-युवी की झलक
रिंकू सिंह की बैटिंग में महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह की झलक देखने को मिलती है. कंगारुओं के खिलाफ विशाखापत्तनम में खेले गए पहले टी20 मैच के दौरान जब आखिरी ओवर में भारत मुश्किल में था, तो रिंकू ने पूर्व कप्तान धोनी की तरह खुद को काफी शांत रखा और मैच जिताकर ही दम लिया. उस मैच में आखिरी बॉल पर 1 रन चाहिए थे, तब रिंकू ने छक्का जड़ा. हालांकि नो-बॉल होने के कारण वह छक्का मान्य नहीं हुआ था.
Rinku Singh providing the finishing touch once again 😎 25 runs off the penultimate over as 200 comes 🆙 for #TeamIndia 👌👌#INDvAUS | @IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/hA92F2zy3W

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












