
'कठोर होने की जरूरत नहीं, वो अच्छे इंसान हैं...', सौरव गांगुली ने गौतम गंभीर की इमेज पर दिया बड़ा बयान
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गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम का प्रदर्शन व्हाइट बॉल क्रिकेट में अच्छा रहा है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया कुछ खास नहीं कर पाई है. गंभीर को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का बयान सुर्खियां बटोर रहा है.
गौतम गंभीर को अक्सर एक सख्त और आक्रामक कोच के रूप में देखा जाता है, लेकिन टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का मानना है कि उनकी छवि से परे उनका व्यक्तित्व अलग है. गांगुली ने टीम इंडिया के हेड कोच गंभीर के रवैये को लेकर कहा कि वह भले ही मैदान पर आक्रामक नजर आते हों, लेकिन असल में वह एक अच्छे इंसान हैं और उन्हें रूड या ज्यादा सख्त होने की जरूरत नहीं है.
सौरव गांगुली ने Revsportz (रेवस्पोर्ट्ज) से बातचीत में कहा, 'वह एक कम्पटीटर हैं और जीतना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रूड या रफ होने की जरूरत नहीं है. वह एक अच्छे इंसान हैं.' गौरतलब है कि गंभीर जुलाई 2024 में राहुल द्रविड़ की जगह टीम इंडिया के हेड कोच बने थे. उनके कार्यकाल में भारत ने सीमित ओवरों की क्रिकेट में शानदार सफलता हासिल की है.
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भारतीय टीम ने गौतम गंभीर की कोचिंग में आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 और एशिया कप 2025 भी जीता, साथ ही आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप का खिताब भी सफलतापूर्वक डिफेंड किया. हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा. भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ साल 2024 में हुई तीन मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि उसने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज 1-3 से गंवाई.
साउथ अफ्रीका ने भी दी करारी शिकस्त फिर नए कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबरी कराई. वहीं वेस्टइंडीज को अपने घर पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से मात दी. लेकिन इसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में मिली 0-2 की करारी हार ने गौतम गंभीर की कोचिंग पर सवाल खड़े कर दिए.
सौरव गांगुली ने माना कि गौतम गंभीर एक शानदार टी20 कोच हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्हें और बेहतर होने की जरूरत है., उन्होंने सलाह दी कि भारतीय टीम को सिर्फ टर्निंग पिचों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और विदेशी परिस्थितियों में बेहतर रणनीति अपनानी होगी. उन्होंने कहा, 'अगर अच्छी विकेट पर खेलेंगे तो वह अच्छे टेस्ट कोच बनेंगे, उन्हें पिच से आगे सोचने की जरूरत है.'













