
QUAD देशों की पहली मीटिंग ने क्यों खींच दीं चीन के माथे पर चिंता की लकीरें?
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी भारत की बढ़ती ताकत की तारीफ की है. बाइडेन ने कहा है कि क्वॉड के सदस्य देश कोरोना वायरस वैक्सीन निर्माण के लिए आपसी सहयोग बढ़ाएंगे.
QUAD देशों के शीर्ष नेताओं का पहला शिखर सम्मेलन शुक्रवार को हुआ. इस वर्चुअल सम्मेलन में पीएम मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के अलावा जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों ने भी हिस्सा लिया. इसमें कोरोना वैक्सीन और जलवायु परिवर्तन समेत कई कूटनीतिक विषयों पर चर्चा हुई. लेकिन इस QUAD सम्मेलन से चीन को चिढ़ मची हुई है. ये पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन एक साथ मंच पर दिखे. इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा भी QUAD के इस वर्चुअल सम्मेलन में शामिल हुए.
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.

होर्मुज में तेल और गैस पर ईरान ने जो रोक लगा रखी है, उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मित्र देशों से युद्धपोत भेजने की गुहार लगाई है. लेकिन फ्रांस, जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया, यगां तक की यूके ने भी कहां वो अभी इसपर विचार विमर्श कर रहे है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से सारे शहर में सन्नाटा पसरा है. जिस अस्पताल में कभी हजार से ज्यादा मरीज थे वो इमारत अब खंडहर में तब्दीर हो गई है. चारों ओर सिर्फ आग और धुंए का गुबार दिख रहा है. इस हमले से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है.









