Putrada Ekadashi 2021: क्यों मनाई जाती है पुत्रदा एकादशी? जानें इसकी व्रत कथा
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आज सावन माह की पुत्रदा एकादशी है. मान्यता है कि जो भी दंपति इस व्रत को पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ करता है उसे संतान सुख अवश्य मिलता है. ये व्रत रखने समस्त पापों का नाश होता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की भी प्राप्ति होती है. इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है. बिना व्रत कथा सुने ये व्रत पूरा नहीं माना जाता है.
आज सावन माह की पुत्रदा एकादशी है. इसे पवित्रा एकादशी भी कहा जाता है. संतान प्राप्ति की कामना के लिए इस व्रत का खास महत्व माना जाता है. मान्यता है कि जो भी दंपति इस व्रत को पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ करता है उसे संतान सुख अवश्य मिलता है. ये व्रत रखने समस्त पापों का नाश होता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की भी प्राप्ति होती है. इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है. बिना व्रत कथा सुने ये व्रत पूरा नहीं माना जाता है.
आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.

Aaj 23 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 23 मार्च 2026, दिन- सोमवार, चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, पंचमी तिथि शाम 18.38 बजे तक फिर षष्ठी तिथि, कृतिका नक्षत्र रात 20.49 बजे तक फिर रोहिणी नक्षत्र, चंद्रमा- वृष में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.03 बजे से दोपहर 12.52 बजे तक, राहुकाल- सुबह 07.53 बजे से सुबह 09.25 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.











