
PM मोदी के दौरे के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा, मंदिरों और ट्रेनों पर हमला, 10 की मौत
AajTak
रॉयटर्स ने एक स्थानीय पत्रकार के हवाले से बताया कि ब्रह्मनबरिया जल रहा है. कई सरकारी दफ्तरों में आग लगा दी गई है. प्रेस क्लब पर भी हमला हुआ है और कई लोग घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि इलाके में कई हिंदू मंदिरों पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमला किया है.
Violence in Bangladesh: बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसा रविवार को अचानक भड़क उठी. कई हिंदू मंदिरों पर हमले किये गए. हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के साथ झड़पों में करीब 10 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा के विरोध में हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी है. बांग्लादेश में एक कट्टरपंथी इस्लामिक ग्रुप के सैकड़ों लोगों ने रविवार को पूर्वी बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और एक ट्रेन पर हमला कर दिया. पीएम मोदी की यात्रा के खिलाफ इस्लामी समूहों द्वारा किए गए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई. अलग-अलग झड़पों में कम से कम 10 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबर है.
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









