
PM मोदी के दौरे का विरोध करने वाले हिफाजत के नेता पकड़े गए महिला के साथ, शेख हसीना ने बताया इस्लाम पर कलंक
AajTak
कट्टरपंथी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम के संयुक्त महासचिव मामूनुल हक के रिसॉर्ट में एक महिला के साथ पकड़े जाने पर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने इस संगठन को इस्लाम के नाम पर कलंक बताया है. मामूनुल हक जिस महिला के साथ पकड़े गए थे, उसे उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी बताई थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले महीने 26 मार्च को बांग्लादेश की यात्रा के दौरान वहां हिफाजत-ए-इस्लाम नाम के संगठन ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किए थे. बांग्लादेश के चटगांव और ब्राम्ह्णबरिया में इस कट्टरपंथी संगठन के विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों की कार्रवाई में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो गई थी. पीएम मोदी की बांग्लादेश यात्रा के दौरान कई दिनों तक प्रदर्शन करने वाला हिफाजत-ए-इस्लाम फिर से सुर्खियों में है. इस संगठन के संयुक्त महासचिव एक रिसॉर्ट में महिला के साथ पकड़े जाने के बाद से मामले को दबाने में लगे हैं तो वहीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐसे लोगों को इस्लाम के नाम पर कलंक बताया है. (फोटो-Getty Images) कट्टरपंथी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम के संयुक्त महासचिव मामूनुल हक के रिसॉर्ट में एक महिला के साथ पकड़े जाने पर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने इस संगठन को इस्लाम के नाम पर कलंक बताया है. मामूनुल हक जिस महिला के साथ पकड़े गए थे, उसे उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी बताया. (फाइल फोटो-ढाका ट्रिब्यून)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.








