
'PM मोदी का एक कॉल और थम जाएगी जंग...', ईरान-इजरायल युद्ध पर बोले भारत में UAE के पूर्व राजदूत
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UAE के पूर्व राजदूत ने यह बयान ऐसे वक्त दिया है, जब ईरान की जंग खाड़ी देशों तक फैल गई है. 28 फरवरी के बाद से ईरान ने UAE में कई अमेरिकी सैन्य अड्डों और ठिकानों को निशाना बनाया है.
ईरान और इजरायल में जबरदस्त तनाव है. दोनों एक-दूसरे पर मिसाइलें दाग रहे हैं. ड्रोन से हमले कर रहे हैं. दोनों के इस तनाव ने मिडिल ईस्ट में संकट खड़ा कर दिया है. ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, इराक, कुवैत समेत कई देशों में मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है. इस तनाव के बीच भारत में UAE के पहले राजदूत रहे हुसैन हसन मिर्जा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फोन कॉल इजरायल और ईरान में चल रहे झगड़े को रोकने में मदद कर सकता है.
आजतक से बात करते हुए हुसैन हसन मिर्जा ने भारत के डिप्लोमैटिक स्टैंड और दोनों देशों के साथ पीएम मोदी के रिश्ते पर बात की. उन्होंने कहा कि भारत एक महान देश है. भारत की प्रोफाइल... सिर्फ यह बात कि प्रधानमंत्री मोदी का एक फोन कॉल इजरायल और ईरान दोनों को रोकने के लिए काफी है. सिर्फ एक फोन कॉल.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हाल ही में इजरायल गए थे और ईरान के साथ भी उनके अच्छे रिश्ते हैं. उन्होंने कहा कि मिस्टर मोदी 10 दिन पहले इजरायल में थे. मिस्टर मोदी के ईरान के साथ बहुत, बहुत अच्छे रिश्ते हैं. वह ईरान के तेल के सबसे बड़े खरीदार हैं. बहुत आसान है. मिस्टर मोदी के एक फोन कॉल से समस्या हल हो जाएगी.
हुसैन हसन मिर्जा ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत डिप्लोमैटिक तरीके से दखल देगा, क्योंकि UAE में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय है. UAE में लगभग 35 लाख भारतीय रहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि UAE ने अपने इलाके से ईरान के खिलाफ कभी भी किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि कुवैत और कतर जैसे दूसरे खाड़ी देशों ने भी अपनी जमीन से ईरान के खिलाफ हमलों की इजाजत नहीं दी है.
UAE के पूर्व राजदूत ने यह बयान ऐसे वक्त दिया है, जब ईरान की जंग खाड़ी देशों तक फैल गई है. 28 फरवरी के बाद से ईरान ने UAE में कई अमेरिकी सैन्य अड्डों और ठिकानों को निशाना बनाया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.

ईरान ने पहली बार अपनी घातक मिसाइल सेजिल का इस्तेमाल कर इजरायल पर हमला किया है. इस हमले से ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 54वां चरण शुरु कर दिया है. IRGC के ऐरोस्पेस प्रमुख ने बताया कि सेजिल मिसाइल से कमांड और कंट्रोल केंद्रों पर मला किया. इस मिसाइल में ईरान के अंदर से इजरायल को निशाना बनाने की पूरी क्षमता है.









