
ईरान के चाबहार में US का अटैक, धमाकों की आवाज से गूंज उठा इलाका
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अल जज़ीरा ने 'वॉयस ऑफ़ अमेरिका' की फ़ारसी भाषा सेवा के हवाले से बताया है कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने कथित तौर पर ईरान के चाबहार व्यापार क्षेत्र के पास एक पहाड़ पर स्थित सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि व्यापार क्षेत्र के पीछे एक ज़ोरदार धमाका सुना गया.
अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने सोमवार को दक्षिण-पूर्वी ईरान के चाबहार फ्री ट्रेड-इंडस्ट्रियल ज़ोन (CFZ) के पास सैन्य ठिकानों पर हमला किया. 'वॉयस ऑफ अमेरिका' की फारसी सेवा के मुताबिक, व्यापारिक ज़ोन के पीछे मौजूद एक पहाड़ पर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. यह कार्रवाई मिडिल ईस्ट में अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर ईरान के हमलों और हॉर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी के जवाब में मानी जा रही है.
अल जज़ीरा ने 'वॉयस ऑफ़ अमेरिका' की फ़ारसी भाषा सेवा के हवाले से बताया है कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने कथित तौर पर ईरान के चाबहार व्यापार क्षेत्र के पास एक पहाड़ पर स्थित सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि व्यापार क्षेत्र के पीछे एक ज़ोरदार धमाका सुना गया.
ईरान-अमेरिका जंग के तीसरे हफ्ते में यह हमला ताजा तनाव का कारण बना है. सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो में अमेरिकी जेट को चाबहार ज़ोन के ऊपर उड़ते हुए देखा गया है.
रणनीतिक चाबहार ज़ोन और धमाकों की गूंज
सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में स्थित चाबहार फ्री ट्रेड ज़ोन पाकिस्तान की सीमा से सटा एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है. 1992 में स्थापित यह ज़ोन मध्य एशिया को हिंद महासागर से जोड़ता है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस पहाड़ पर धमाके हुए हैं, वहां सैन्य बुनियादी ढांचा मौजूद है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज में ऑपरेशन शुरू करने के लिए सात देशों से युद्धपोत भेजने का आह्वान किया है. इस बीच, तेल की कीमतों में उछाल आया है और कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं.
विदेशी निवेश आकर्षित करने, पारंपरिक और भीड़भाड़ वाले व्यापार क्षेत्रों से बचने के मकसद से 1992 में स्थापित, चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र एक प्रमुख औद्योगिक और पारगमन केंद्र के रूप में कार्य करता है. यह ईरान का एकमात्र ऐसा समुद्री बंदरगाह भी है, जिसकी हिंद महासागर तक सीधी पहुंच है.

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