
Pariksha Pe Charcha 7th Episode: 'डर छोड़ोगे तब खेलोगे...', मैरी कॉम, अवनी लेखरा और सुहास एलवाई बच्चों को दे रहे टिप्स
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मेरी कॉम ने कहा कि बॉक्सिंग लड़कियों का खेल नहीं है, इसे गलत साबित करने के लिए मैं हर बार खेलती हूं. सिर्फ अपने लिए नहीं, पूरे देश की लड़कियों के लिए खेलती हूं. वहीं, सुहास ने कहा कि हम कोई भी परीक्षा देते हैं तो नर्वस होते ही हैं, मैं अपनी चैंपियनशिप में डर की वजर से हार गया, लेकिन फिर मैंने अपने आप को कहा कि ज्यादा से ज्यादा किया होगा हार ही तो जाओगे. इसलिए डर को बाहर ही छोड़ दो.
परीक्षा पे चर्चा के 7वें एपिसोड में दिग्गज खेल आइकन मैरी कॉम, अवनी लेखरा और सुहास एल. यतिराज ने बच्चों को खेल, फैशन और पढ़ाई पर फोकस करने के टिप्स दिए हैं. इस एपिसोड में तीनों महान खिलाड़ियों ने डिसिप्लिन के जरिए गोल सेटिंग, रिजिलीअन्स और स्ट्रेस मैनेजमेंट पर अपने अनुभव शेयर किए हैं.
बच्चों से बात करते हुए सुहास ने कहा- अगर अच्छी चीज पानी हो तो वो आसानी से नहीं मिलेगी. जर्नी चलती रहनी चाहिए, इसमें फैशन और फोकस रहना होगा. आपको सूरज की तरह चमकने के लिए सूरज की तरह जलना होगा. वहीं, अवनि ने कहा- आप रोज आधा घंटा फोकस के साथ पढ़ेंगे, ज्यादा फायदा मिलेगा. ब्रीदिंग एक्सरसाइज करिए उससे हार्ट रेट काबू में रहता है और आप सही से काम कर पाते हो.
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सुहास ने कहा कि सबसे पहले आप खुदसे पूछिए. अगर आप खुदको मना लेंगे कि आपको यही करना है तो माता-पिता को मनाना आसान हो जाएगा. मैरी कॉम ने कहा कि मैंने बहुत सारी मुश्किलों का सामना किया है, इसके बाद मैं चैंपियन बनी हूं, तो आप भी कर सकते हो. स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए हेल्दी खाएं, एक्सरसाइज करें और नींद भरपूर लें.
सुहास ने आगे कहा कि अच्छी चीज आसानी से नहीं मिलती. आपकी जर्नी चलती रहनी चाहिए. अगर आप सूरज की तरह चमकना है तो पहले सूरज की तरह जलना सीखना होगा. अवनी ने कहा कि मैंने पढ़ाई के साथ शूटिंग शुरू की थी. अगर आप रोज आधा या एक घंटा भी पूरा फोकस के साथ पढ़ोगे तो दिमाग में रहेगा. जब भी एग्जाम होते हैं मुझे लगता है कि स्पोर्ट्स की तरह रेस्ट और रिकवरी पीरियड होता है. मैच होने से पहले में वॉक पर चली जाती हूं. हमें हमारे माइंड को फ्री रखना चाहिए. कई बार हम एक चीज सोचते हैं और फिर वही सोचते रह जाते हैं, ऐसा नहीं करना है. आपको सोना भी है. अगर आप मेंटली फिट रहेंगे तब ही एग्जाम में अच्छा कर पाएंगे.

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