
PAK: पेट पर ईंटें बांधकर सो रही महिला, झकझोर देगी भूख की ये कहानी!
AajTak
एक मां और बेटी, भूख के कारण इतनी परेशान हो गईं कि उन्होंने अपने पेट पर ईंटें बांध लीं. मामला पाकिस्तान के लाहौर का है. कहीं से कोई उम्मीद नहीं दिख रही इसलिए ये लोग किडनी बेचने को भी तैयार हैं. पाकिस्तानी यूट्यूबर ने इस परिवार की तंगहाली की कहानी बताई है.
मां और बेटी गरीबी के कारण बदहाली का जीवन जीने को मजबूर हैं. इनकी बेबसी का आलम इस बात से ही लगा सकते हैं कि भूख ना लगे, इसलिए मां-बेटी दोनों ने पेट पर ईंटें बांध ली हैं. दोनों अपनी किडनी को भी बेचने को तैयार है. पाकिस्तान के लाहौर में रहने वाली इस मां और बेटी का वीडियो यूट्यूब पर वायरल हो रहा है.
हाल में इस परिवार से पाकिस्तानी यूट्यूबर सैयद बासित अली ने बात की. सैयद जब मां-बेटी से बातचीत कर रहे थे तो दोनों ही कई बार रोते-रोते बिलख पड़ीं. सैयद ने परिवार की माली हालत भी दिखाई, घर में बर्तन खाली पड़े थे. आटे का कनस्तर तक खाली था.
सैयद ने बताया कि खाने को कुछ नहीं हैं, इस कारण मां और बेटी दोनों ने ही पेट पर ईंटे बांध रखी हैं. इस परिवार के बारे में उन्हें पड़ोसियों से जानकारी मिली थी.
सैयद बासित को महिला ने बताया कि वह बीमार रहती हैं, सफेद मोतियाबिंद से ग्रस्त हैं. बेटी की नौकरी लगी लेकिन जहां वह गई, वहां भी लोगों ने उसे गलत नजरों से देखा. तभी सोच लिया कि भूख बर्दाश्त कर लेंगे लेकिन कोई गलत काम नहीं करेंगे.
महिला ने बताया कि बेटी की मंगनी हो चुकी है, लेकिन शादी करने के लिए पैसे नहीं हैं. वीडियो में मां और बेटी ने कहा कि वे अपनी किडनी बेचने को भी तैयार हैं. ताकि अपने परिवार के लिए कुछ पैसों का इंतजाम कर सकें.
सैयद बासित ने वीडियो में कहा कि परिवार ने तीन दिन से खाना नहीं खाया है. ईंट बांधने की वजह भी महिला ने बताई, उन्होंने कहा- 'भूख बर्दाश्त नहीं होती है, इस कारण ऐसा किया है.' यह कहते-कहते महिला रो पड़ी. महिला ने कहा कि बेटा भी जवान है, लेकिन उसे कोई नौकरी नहीं मिल रही है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.









