
ईरान पर आज होगा भीषण हमला, अमेरिकी युद्ध मंत्री बोले- आएगा सबसे बड़ा अटैक पैकेज
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अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि आज ईरान पर अमेरिका अटैक का सबसे बड़ा पैकेज लॉन्च करने जा रहा है. जंग की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे उद्देश्य कभी बदले नहीं हैं और ये जंग राष्ट्रपति ट्रंप की इच्छानुसार खत्म होगा. आज ही ईरान ने अपने स्टैंड को बताते हुए कहा था कि अभी उसका बदला पूरा नहीं हुआ है.
अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने फिर कहा है कि आज ईरान पर सबसे बड़ा हमला किया जाएगा. उन्होंने इसके लिए अंग्रेजी के 'लार्जेस्ट स्ट्राइक पैकेज' शब्द का इस्तेमाल किया. ईरान जंग पर अपडेट देते हुए हुए अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ये युद्ध अमेरिका की शर्तों पर खत्म होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए अडिग है.
पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान जंग में पहले दिन से लेकर आजतक अमेरिका के उद्देश्य बदले नहीं हैं. ईरान में जंग का मकसद टारगेट को खत्म करना है और ये काम प्लान के अनुसार ही चल रहा है.
अपनी ब्रीफिंग की शुरुआत करते हुए हेगसेथ ने कहा कि बुधवार को जब ईरान युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर वापस लाए गए, तब वह और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वहां मौजूद थे. उन्होंने आगे कहा कि जंग में हताहत हुए सैनिकों के परिवारों ने प्रशासन से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि "जब तक काम पूरा न हो जाए, तब तक वे न रुकें."
उन्होंने कहा कि नए बैलेस्टिक मिसाइल बनाने की ईरान की क्षमता को संभवत: गंभीर रूप से निशाना बनाया गया है. उन्होंने कहा कि ईरान की सेना IRGC का सीनियर कमांडर बनना एक टेम्परोरी काम बन गया है. यह अमेरिका का व्यंग्य जैसा वाक्य है. इसका मतलब है कि IRGC के टॉप पद अब परमानेंट नहीं रहे. अमेरिकी-इजरायली हमलों की वजह से ये बहुत जल्दी खाली हो जाते हैं. पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान की 11 पनडुब्बियां खत्म हो गई हैं.
अमेरिकी जनता को सीधे संबोधित करते हुए हेगसेथ ने इस आलोचना का खंडन किया कि यह संघर्ष एक लंबी लड़ाई में बदलने का जोखिम रखता है. उन्होंने मीडिया के कुछ हिस्सों में ईरान की स्थिति को "एक अंतहीन खाई" या "कभी न खत्म होने वाली लड़ाई" के रूप में पेश करने का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि "सच्चाई इससे कोसों दूर है."
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान में अमेरिका के लक्ष्य "पहले दिन से" बदले नहीं हैं, और वे "लक्ष्य के अनुरूप और योजना के अनुसार" चल रहे हैं. हेगसेथ के अनुसार इन लक्ष्यों में मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट करना, ईरान के रक्षा-औद्योगिक आधार को खत्म करना, उसकी नौसेना को निष्क्रिय करना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार न मिले."

ईरान की पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में गैस फील्ड पर हमले की धमकी दी थी. जिसके बाद अब बहरीन के नेचुरल गैस रिफाइनरी पर ईरान ने हमला कर दिया है. बहरीन और सऊदी के बॉर्डर के पास बनी गैस फैसिलिटी पर ईरान ने मिसाइल दागी है. यह हमला इतना खतरनाक था का इसका असर बहरीन और सऊदी को जोड़ने वाले किंग फहाद पुल पर भी पड़ा है. पुल भी डैमेज हो गया है.












